बिलसंडा। गांव मधवापुर निवासी गुरनाम सिंह ने न्यायालय के आदेश पर गांव के प्रधान जंगबहादुर, तत्कालीन तहसीलदार, कानूनगो, लेखपाल सौरभ सक्सेना समेत आठ लोगों पर प्राथमिकी दर्ज कराई है। आरोपियों में तीन अज्ञात भी शामिल हैं। मामला वर्ष 2021 के पंचायत चुनाव से जुड़ा है। कूट रचित दस्तावेजों पर आय-निवास प्रमाण पत्र जारी करने का आरोप लगा है।
गुरनाम सिंह ने न्यायालय के आदेश पर दर्ज कराई प्राथमिकी में कहा कि वर्ष 2021 के त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव में मरौरी खास में प्रधान का पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित किया गया था। जंगबहादुर गांव निवासी नहीं थे। चुनाव से कुछ समय पूर्व ही वह गांव में रहने आए। उनके पास पूर्व में कोई जाति व मूल निवास प्रमाण पत्र नहीं था। संजीव कुमार की पत्नी पूर्व प्रधान हैं। आरोप है कि 2021 में प्रधान पद अनुसूचित जाति आरक्षित होने पर संजीव कुमार ने जंगबहादुर व तत्कालीन लेखपाल सौरभ सक्सेना के साथ मिलकर जाति व मूल निवास प्रमाण पत्र बनवाने के लिए कूटरचित दस्तावेज तैयार किए। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर जंगबहादुर का जाति व निवास प्रमाण पत्र बनवा लिया गया। आरोप है कि लेखपाल, कानूनगो व तहसीलदार ने जाति व मूल निवास जारी करने से पहले कोई जांच नहीं की।
उन्होंने इसकी शिकायत लेखपाल, कानूनगो व तहसीलदार से की तो जंगबहादुर के आय व जाति निवास के ऑनलाइन डाटा को हटाकर साक्ष्यों को नष्ट कर दिया गया। इसकी शिकायत जिला प्रशासन से भी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि शिकायत किए जाने से नाराज संजीव कुमार ने 19 मार्च 2023 को अपने तीन साथियों की मदद से उनकी पिटाई की। पीड़ित ने शिकायत थाने में की। एसपी को प्रार्थना पत्र भेजा, लेकिन किसी ने नही सुनीं। तब उन्होंने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की गुहार लगाई। पुलिस का कहना है कि न्यायालय के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज करके विवेचना शुरू कर दी गई है। संवाद