मंडी में दाम गिरने के साथ ही आवक घटने लगी है, लेकिन क्रय केंद्र अभी भी सूने पड़े हैं। इसके बावजूद सरकारी खरीद के आंकड़े जादुई हिसाब से बढ़ रहे हैं।
क्षेत्र में कहीं भी गेहूं की कटाई शेष नहीं रह गई है। वहीं मंडी में दाम भी गिर गया है, जिससे आवक लगातार घट रही है। सोमवार को 10 हजार क्विंटल थी जो मंगलवार को घटकर मात्र आठ हजार क्विंटल रह गई। किसान गेहूं लेकर मंडी पहुंच रहे हैं, लेकिन सरकारी दाम अधिक होने के बावजूद क्रय केंद्रों पर नहीं पहुंच रहे हैं। इससे क्रय केंद्र सूने पड़े हैं। मंगलवार को मंडी के किसी भी क्रय केंद्र पर तौल नहीं होती दिखी। इसके बाद भी सरकारी आंकड़े लगातार बढ़ रहे हैं। दो दिन पूर्व तक 27 हजार मीट्रिक टन हुई खरीद एकाएक बढ़कर लगभग 37 हजार मीट्रिक टन पहुंच गई जो कुल लक्ष्य का लगभग 17.5 प्रतिशत है। उम्मीद की जा रही है कि दो दिन में यह खरीद बढ़कर 20 से 22 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब क्रय केंद्र सूने पड़े हैं तो ऐसी दशा में सरकारी खरीद के आंकड़े कैसे बढ़ रहे हैं।
0000000000000
पांच को प्रमुख सचिव करेंगे समीक्षा
प्रदेश में चल रही गेहूं खरीद की स्थिति अच्छी नहीं है। इस पर प्रमुख सचिव बृहस्पतिवार को वीडियो कांफ्रेंस कर सरकारी गेहूं खरीद की समीक्षा करेंगे। इस बाबत पत्र मिलने के बाद विभागीय अधिकारियों ने तैयारियां तेज कर दी हैं और गेहूं खरीद के आंकड़ों में और बढ़ोतरी का प्रयास शुरू कर दिया है।