पीलीभीत। बराही रेंज में जंगल सफारी वाहनों को खड़ाकर बाघ का रास्ता घेरने के मामले में अंतिम जांच एसडीओ पूरनपुर को सौंपी गई है। इस मामले में प्रारंभिक जांच में लापरवाही बरतने वाले तीन वाहनों के चालक और गाइडों को पर्यटन सत्र से बाहर किया गया है। अंतिम जांच रिपोर्ट के बाद मामले में अन्य पर भी कार्रवाई तय मानी जा रही है।
पीटीआर के पर्यटन सत्र के दौरान सैलानियों की सुविधा के साथ नियमों का पालन कराने पर भी जोर दिया जा रहा है। इसके लिए गाइड और चालकों का प्रशिक्षण भी कराया गया, लेकिन मोटी कमाई करने के चलते कई ऐसे गाइड और चालक हैं जो बाघ को दिखाने के लिए अक्सर नियमों की अनदेखी करते हैं।
बताया जा रहा कि इसके पीछे मोटी कमाई वजह बनी है। कई गाइड और चालक जंगल सफारी से लेकर होम स्टे में ठहराने और छोड़ने तक का पैकेज पाने की जुगत में रहते हैं। इसके लिए सैलानियों को बकायदा बाघ दिखाने की गारंटी भी दी जाती है। अनजान सैलानी उनपर भरोसा करते हैं। इसी के चलते जंगल सफारी के दौरान बाघ को दिखाने के लिए नियमों को ताख पर रखा जाता है।
हाल ही में बराही रेंज के सायफन पुल पर आए बाघ को घेरने का मामला सामने आया। वाहनों को दोनों ओर खड़ा कर बाघ का रास्ता घेर लिया गया। गाइड और सैलानी जोखिम उठाकर नियमों की धज्जियां उड़ाते रहे। वीडियो वायरल होने पर अफसर जागे और जांच शुरू कराई। प्रारंभिक जांच में लापरवाही उजागर होने पर तीन वाहनों को बाहर किया गया और उनके गाइड और चालकों को हटा दिया गया। अब मामले में अंतिम जांच के निर्देश दिए। एसडीओ पूरनपुर रमेश चौहान को जांच सौंपी गई। डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि अंतिम जांच एसडीओ पूरनपुर को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट आने पर मामले में कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में गाइड और चालकों में रजनीश, रिजवान खान, अमजद खान, राजीव कुमार, साधुन राय व नफीस अहमद को अंतिम जांच पूरी होने तक पर्यटन सेवा से बाहर किया गया है।