पीलीभीत। 80 रोडवेज बसों के महाकुंभ के लिए प्रयागराज जाने की वजह से बृहस्पतिवार के बाद शुक्रवार को भी दिनभर मारामारी रही। बड़ी संख्या में ट्रेनें कोहरे के चलते निरस्त हैं। जिले की परिवहन व्यवस्था सिर्फ 22 रोडवेज बसों के सहारे हैं। ऐसे में शुक्रवार को सुबह से शाम तक कई मार्गों पर रोडवेज बसें ही नहीं मिलीं। मजबूरी में यात्रियों को डग्गामार वाहनों से सफर करना पड़ा। यात्रियों की मजबूरी का फायदा उठाकर उन्होंने भी मनमाना किराया वसूल किया। सवारियां भी क्षमता से अधिक बैठाईं। इसको लेकर दिनभर नोकझोंक हुई।
शुक्रवार को दोपहर करीब एक बजे नौगवां चौराहे पर बरेली व दिल्ली जाने वाली सवारियां खड़ी थीं। कोई भी रोडवेज बस नहीं थी। बसों के खड़े होने की जगह पर छह से सात ईको खड़ी थीं। दोपहर 1:30 बजे छतरी चौराहे पर भी यात्रियों भीड़ थी। टनकपुर जाने वाली बस का इंतजार कर रहे यात्री ने बताया कि काफी देर से यहां खड़े होने के बाद भी अब तक बस नहीं मिली है।
इंतजार के बाद निजी बस से गए दोपहर 1:10 बजे असम चौराहे पर बरेली, बहेड़ी, सितारगंज जाने वाले यात्रियों की भीड़ थी। यात्री काफी देर से बस का इंतजार कर रहे थे। थोड़ी देर बाद अमरिया-सितारगंज जाने वाली एक निजी बस पहुंची तो यात्रियों में बस में सवार होने की होड़ मच गई। पूरनपुर मार्ग पर भी यात्रियों की भीड़ नजर आई।
डग्गामार वाहन चालकों से होती रही नोंकझाेंक
बस न मिलने पर बीसलपुर मार्ग के यात्रियों ने मैजिक, ऑटो व ई-रिक्शा से सफर किया। ज्यादा सवारियां बैठाने के चक्कर में वाहन चालक रुक-रुककर वाहन बढ़ा रहे थे। किराया भी अधिक बताया जा रहा था। इसको लेकर यात्रियों और वाहन चालकों में नोंकझोंक भी हुई।
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हल्द्वानी जाने के लिए काफी देर से बस का इंतजार कर रहे हैं। बस नहीं आई, जानकारी करने पर पता चला कि रोडवेज बसें नहीं है। अब किसी निजी वाहन से वहां जाएंगे।- रामदीन
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जरूरी काम से अमरिया जा रहे हैं। रोडवेज बस के इंतजार में करीब एक घंटे से खड़े है। निजी बस भी काफी देर से नहीं है। अब अन्य साधन तलाश रहे हैं, जिससे गंतव्य को पहुंच सके।- अनुज
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काम के सिलसिले में बाहर गए थे। बीसलपुर जाने के लिए रोडवेज बस का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन बस नहीं आई है। अब किसी अन्य वाहन से ही बीसलपुर जाएंगे।- पवन कुमार
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बेटी के साथ दिल्ली जा रहे हैं। करीब एक घंटे से बस का इंतजार कर रहे है, लेकिन बस अब तक नहीं आई है। निजी बस का भी कोई पता नहीं चल रहा है।- विशाखा सिंह
पीलीभीत के असम चौराहे के पास मैजिक में बैठी सवारी।संवाद- फोटो : कैरम खेलते डीन डॉ. मुकेश वीर सिंह।
पीलीभीत के असम चौराहे के पास मैजिक में बैठी सवारी।संवाद- फोटो : कैरम खेलते डीन डॉ. मुकेश वीर सिंह।
पीलीभीत के असम चौराहे के पास मैजिक में बैठी सवारी।संवाद- फोटो : कैरम खेलते डीन डॉ. मुकेश वीर सिंह।
पीलीभीत के असम चौराहे के पास मैजिक में बैठी सवारी।संवाद- फोटो : कैरम खेलते डीन डॉ. मुकेश वीर सिंह।
पीलीभीत के असम चौराहे के पास मैजिक में बैठी सवारी।संवाद- फोटो : कैरम खेलते डीन डॉ. मुकेश वीर सिंह।
पीलीभीत के असम चौराहे के पास मैजिक में बैठी सवारी।संवाद- फोटो : कैरम खेलते डीन डॉ. मुकेश वीर सिंह।
पीलीभीत के असम चौराहे के पास मैजिक में बैठी सवारी।संवाद- फोटो : कैरम खेलते डीन डॉ. मुकेश वीर सिंह।