प्रधानमंत्री फसल बीमा के तहत अब ऐसे किसानों को भी लाभ मिल सकता है, जिन्होंने बैंक से फसली ऋण नहीं लिया है। बिना बैंक जाए ही वह अपने क्षेत्र में खुले किसी भी जनसुविधा केंद्र से फसल बीमा करा सकते हैं। इसके लिए जनसुविधा केंद्र संचालकों को एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया।
जिला प्रशिक्षण संस्थान में जिले के जनसुविधा केंद्र संचालकों को एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। इसका शुभारंभ कृषि उपनिदेशक डीबी सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि आज के समय में फसल का बीमा जरूरी हो गया है। इससे हमें किसी भी आपदा में राहत मिलती है। जिले के लिए नामित बीमा कंपनी बजाज एलियांस के प्रबंधक दीपक कुमार ने योजना की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जिन किसानों ने किसी भी बैंक से ऋण नहीं लिया है और वह फसल का बीमा कराना चाहते हैं वह किसी भी जनसुविधा केंद्र पर पहुंचकर अपने खसरा, खतौनी, बैंक पासबुक, बुवाई प्रमाणपत्र आदि दस्तावेजों को जमाकर ऑनलाइन बीमा करा सकते हैं। खरीफ सीजन के लिए जिले में केवल धान की फसल को ही इसमें लिया गया है, जिसके लिए प्रति हेक्टेअर 1200 रुपये की बीमा धनराशि निर्धारित की गई है। इसके बाद एनआईसी के जिला सूचना एवं विज्ञान अधिकारी कृष्ण कुमारी एवं मेराज हुसैन ने जनसुविधा केंद्र संचालकों को ऑनलाइन बीमा करने का तरीका समझाया। कार्यक्रम का संचालन सीएससी के जिला प्रबंधक नवीन महेश्वरी औा पीयूष शाक्य ने किया। इस मौके पर डिप्टी पीडी राजकुमार, डॉ. वीरेंद्र गंगवार सहित कई लोग थे।