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सब्सिडरी हरदोई ब्रांच और खारजा नहर फटी, 130 एकड़ फसल जलमग्न

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माधोटांडा। लंबे समय के क्लोजर के बाद हरदोई ब्रांच नहर में छोड़े गए पानी से शुक्रवार सुबह नहर ओवरफ्लो होकर रम्पुरा गांव के किनारे फट गई। पानी के तेज प्रवाह से करीब 30 एकड़ फसल जलमग्न हो गई। किसान इससे गेहूं की फसल नष्ट होने की संभावना जता रहे हैं। ग्रामीणों की सूचना पर किसान नेता मंजीत सिंह मौके पर पहुंचे। उनका आरोप है कि सिंचाई विभाग को सूचना देने के बाद भी कोई अफसर मौके पर नहीं पहुंचा। कर्मचारियों ने केवल नहर में पानी की मात्रा को कम कर दिया।
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कृषि फसलों में सिंचाई के लिए टेल तक पानी मुहैया कराने के लिए डेढ़ माह पूर्व नहरों की मरम्मत और सिल्ट सफाई के नाम पर क्लोजर किया गया था। सिल्ट सफाई के नाम पर लंबे समय तक नहरें बंद रखने से किसानों को खासी परेशानी झेलनी पड़ी। शारदा डैम से निकलने वाली सब्सिडरी हरदोई ब्रांच की पटरियों पर कोई कार्य नहीं किया गया। किसानों को गेहूं की फसल में पहला पानी लगाने में देरी होती देख किसानों ने खुद ही पंपिंग सेट से पानी लगाना शुरू कर दिया था। इधर, लंबे समय के बाद बृहस्पतिवार को सब्सिडरी हरदोई ब्रांच (खारजा नहर) में पानी छोड़ा गया। नहर का पानी रम्पुरा फकीरे क्षेत्र में पहुंचा। बताते है कि शुक्रवार सुबह ओवरफ्लो होकर नहर फटने लगी। इससे पानी खेतों में घुसने लगा। कुछ किसानों के घरों और सड़क पर भी पानी भर गया। ग्रामीणों से जानकारी मिलते ही भाकियू नेता मनजीत सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने अधिशाषी अभियंता से फोन पर बात करने का प्रयास किया, लेकिन बात न हो सकी। इसके बाद सिंचाई विभाग के कर्मचारियों को सूचना देकर स्थिति से अवगत कराया। कर्मचारियों ने तत्काल नहर के पानी घटाकर कम किया, इसके बावजूद नहर का पानी खेतों में फैलता रहा।
पानी छूटने से और बढ़ गई किसानों की परेशानी
किसानों का आरोप है कि डेढ़ माह से नहरों के बंद होने से पंपिंग सेट से फसलों में सिंचाई की, अब नहर छूटने के बाद ओवरफ्लो होने के चलते नहर फट गई और फसलों में पानी लबालब भर गया। फायदा होने की जगह अब दोहरी मार झेलनी पड़ी है। इस मामले में सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता और नहरों के इंचार्ज अवर अभियंता रोहित कुमार से बात करने की कोशिश की गई लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।
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बोले किसान- मरम्मत न होने से फट रही नहरें
लंबे समय के बाद नहर में पानी छोड़ा गया। मरम्मत न होने से यह स्थिति पैदा हुई है। ऐसे तो फसल बर्बाद हो जाएगी। किसानों की सुधलेवा कोई नहीं है। - परविंदर सिंह
साल में कई बार इस स्थान पर नहर फट चुकी है। चाहे ओवरफ्लो होकर यह स्थिति बनती हो, लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। - कुलवंत सिंह
नहर ओवरफ्लो होकर फटने की सूचना सिंचाई विभाग के अफसरों को देने की कोशिश की गई। कोई फोन नहीं उठाता है। किसानों की 30 एकड़ से अधिक गेहूं की फसल में पानी भर गया है। अभी तक नहर को बंद नहीं किया गया। - मंजीत सिंह, वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष, भारतीय किसान यूनियन
नहर फटने से सौ एकड़ से अधिक फसल हुई जलमग्न
पूरनपुर। खरजा नहर फटने से सौ एकड़ से अधिक जमीन पर खड़ी किसानों की फसल जलमग्न हो गई। अब किसानों को गेहूं की फसल खराब होने डर सता रहा है। बहाव तेज होने से नहर को बंद नहीं किया जा सका।
प्रसादपुर-शाहगढ़ रेलवे स्टेशन के बीच रंपुरा पुल के पास बृहस्पतिवार रात करीब दो बजे खारजा नहर फट गई। पानी का बहाव तेज होने से सैकड़ों एकड़ खेतों में जलभराव हो गया। शुक्रवार सुबह किसान खेतों पर पहुंचे, तब तक जलभराव हो चुका था। कुछ किसानों ने मौके पर जाकर फटी नहर को बंद करने का प्रयास भी किया। मगर तेज बहाव के कारण नहर बंद नहीं हो सकी। भाकियू के वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष मंजीत सिंह का आरोप है कि समस्या के समाधान में अफसर लापरवाह बने रहे। संवाद
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