पीलीभीत। आम बजट में भले ही दलहन का रकबा और केसीसी की लिमिट बढ़ाने की घोषणा की गई, मगर जिले के अधिकांश किसान इससे नाकाफी बता रहे हैं। किसान नेताओं का कहना है कि बजट में सरकार ने मांगों की अनदेखी तो की, साथ ही ऋण माफी और कृषि यंत्रों पर सब्सिडी पर भी कोई राहत नहीं दी। इससे बजट से किसानों को सीधी राहत नहीं मिल पाएगी।
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केंद्र सरकार की ओर से पेश किए गए बजट में किसानों को ऋण माफी, निशुल्क बिजली एवं कृषि यंत्रों पर सब्सिडी आदि पर कोई राहत नहीं दी गई। इससे किसानों में निराशा है। यह बजट हवा-हवाई साबित होगा। - सतविंदर सिंह काहलो, मंडल अध्यक्ष, भारतीय किसान यूनियन (टिकैत)
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सरकार ने बजट में न तो स्वामीनाथन योजना लागू करने की बात कही न ही एमएसपी गारंटी की। किसान की जरूरत की चीज ट्रैक्टर पर जीएसटी कम होनी चाहिए थी। बजट में किसानों की आय दोगुनी करने की कोई खास व्यवस्था नहीं की गई है। - रंजीत सिंह, जिलाध्यक्ष, भाकियू (चढ़ूनी)
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बजट में किसानों के हाथ केवल निराशा लगी है। इसमें न तो एमएसपी बढ़ाने की कोई बात है न ही खेती की लागत कम करने के प्रावधान। यह किसानों के लिए निराशाजनक बजट है l
मंजीत सिंह, जिलाध्यक्ष भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक)
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किसान कर्ज से मुक्त होना चाहता है। सरकार ने ऋण सीमा तीन लाख से बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर किसान को कर्ज की ओर ढकेलने का काम किया है। इसके अलावा किसानों ने लिए अन्य कोई खास लाभदायी योजना लागू नहीं की गई। बजट किसान हित में नहीं है। -स्वराज सिंह, भाकियू प्रदेश सचिव
सतविंदर सिंह कहलो।- फोटो : udhampur news
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