जिले की तीनों मंडी समितियों को राष्ट्रीय कृषि बाजार योजना में शामिल कर लिया गया है। अब किसान अपनी उपज स्थानीय मंडी के अलावा प्रदेश की 66 मंडियों में ऑनलाइन बेच सकेंगे।
भारत सरकार ने मंडी में अपनी उपज बेचने वाले किसानों को वाजिब मूल्य देने के लिए राष्ट्रीय कृषि बाजार योजना शुरू की है। इस के तहत किसान स्थानीय मंडियों के अलावा प्रदेश की 66 मंडियों में ऑनलाइन अपनी उपज बेच सकते हैं।
ऐसे होगी ऑनलाइन बिक्री
मंडी में आकर किसान अपनी उपज का ढेर लगाएंगे। इसके बाद उसका सैंपल लिया जाएगा। उसी के आधार पर ग्रेड तय किया जाएगा। ग्रेडिंग पर्ची को कंप्यूटर में ऑनलाइन कर दिया जाएगा। इसे देख प्रदेश की 66 मंडियों के रजिस्टर्ड व्यापारी उपज खरीदने के लिए बोली लगा सकेंगे।
किसानों को मिलेगा लाभ
अभी तक किसानों को स्थानीय मंडी में ही उपज बेचनी पड़ती थी। किसानों को बाहरी मंडियों के रेट की जानकारी नहीं होती थी, लेकिन ऑनलाइन बिक्री शुरू होने से किसान की उपज को स्थानीय व्यापारियों के अलावा अन्य जिलों के व्यापारी भी खरीद सकेंगे। इससे किसानों को अच्छा मूल्य मिलेगा।
व्यापारी करा रहे हैं रजिस्ट्रेशन
स्थानीय मंडी में राष्ट्रीय कृषि बाजार योजना को लेकर व्यापारियों के रजिस्टे्रशन शुरु हो गए हैं। जिससे जल्द ही किसानों की आने वाली धान की फसल की बिक्री ऑनलाइन शुरु होने की संभावना है। अब तक जिले के 150 व्यापारी रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं।
जिले की तीनों मंडी समिति पीलीभीत, पूरनपुर और बीसलपुर योजना में शामिल की गई हैं। ऑनलाइन बिक्री के लिए ई-आक्शन हाल मंडी कार्यालय में ही बनाया जा रहा है। व्यापारियों को भी इस संबंध में जानकारी दे दी गई है। जल्द ही कार्य शुरु की दिया जाएगा। इसके बाद क्रय केंद्रों को भी इस योजना में शामिल किया जाएगा। - मनीष सिंह, सचिव मंडी समिति