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UP: पीलीभीत में बाघ ने हमला कर किसान को मार डाला, खेत में मिला अधखाया शव, वनकर्मी बाल-बाल बचे

Mon, 09 Jun 2025 10:20 AM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, पीलीभीत

सार

पीलीभीत जिले में बाघ के हमले थम नहीं रहे हैं। न्यूरिया थाना क्षेत्र में फसल की सिंचाई करने खेत पर गए गांव मेवातपुर निवासी किसान को बाघ ने मार डाला। उनका अधखाया शव सोमवार सुबह खेत में मिला। घटना से इलाके में दहशत फैल गई।
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किसान को बाघ ने मार डाला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पीलीभीत के न्यूरिया थाना क्षेत्र में गन्ने की सिंचाई करने गए गांव मेवातपुर निवासी किसान मुकेश कुमार (35) पुत्र मंगली प्रसाद को बाघ ने मार डाला। सोमवार सुबह माला रेंज के जंगल से 500 मीटर दूरी पर स्थित उनके खेत से अधखाया शव बरामद हुआ। मौके पर बाघ के पग चिह्न मिले हैं। तलाश के दौरान बाघ ने वनकर्मियों पर भी हमले का प्रयास किया। जिले में पिछले एक माह में बाघ के हमले में यह पांचवीं मौत हुई है। गांव पहुंचे डीएम ज्ञानेंद्र सिंह, एसडीएम सदर व सीओ सिटी ने परिजनों को ढांढस बंधाया।

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गांव मेवातपुर निवासी योगेश कुमार ने बताया कि उनका खेत माला रेंज में बनकटी के जंगल से सटे इलाके में है। रविवार रात गन्ने की फसल में सिंचाई का कार्य शुरू किया था। सोमवार तड़के छोटे भाई मुकेश खेत पर गए थे, काफी देर तक जब वह नहीं लौटे तो उनकी तलाश शुरू की गई। कुछ देर बाद खेत में ही उनका अधखाया शव मिला।

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सोमवार को गांव पहुंचे अधिकारियों ने परिवार को नियमानुसार मदद का भरोसा दिया। इधर टीमें निगरानी में जुटी हैं। डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि बाघ को जंगल की ओर खदेड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। बाघ की घटनास्थल के आसपास मौजूदगी को देखते हुए एसडीएम, रेंजर के नेतृत्व में टीमें मौके पर हैं। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है।

बाघ ने वनकर्मियों पर मारा झपट्टा 
किसान को मारने की घटना के बाद लोकेशन ट्रेस करने में जुटे माला रेंजर रोबिन सिंह और टीम पर गन्ने में छिपा बाघ झपट पड़ा। वन कर्मियों ने डंडा दिखाकर और शोर-शराबा कर खुद को बचाया। इसके बाद जाल लगातार क्षेत्र को सुरक्षित किया गया। बाघ को जंगल की ओर खदेड़ने की योजना पर काम चल रहा है।


महोफ और माला रेंज के बॉर्डर पर वैसे तो जालफेंसिंग की गई है। कुछ स्थानों पर देखरेख के अभाव में जालफेंसिंग क्षतिग्रस्त हो गई है। इसके चलते रविवार रात बाघ जंगल से बाहर निकलकर खेतों की ओर पहुंच गया। गन्ने की सिंचाई कर रहे किसान मुकेश कुमार को मार दिया। घटना के बाद करीब दो घंटे तक ग्रामीणों का आक्रोश देखने को मिला। 

गन्ने के खेत में छिपा था बाघ 
शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजे जाने के बाद पीटीआर और सामाजिक वानिकी की टीमें बाघ की लोकेशन पता करने में जुटी। इस दौरान माला रेंजर रोबिन कुमार सिंह तीन-चार वनकर्मियों के साथ घटना स्थल के आसपास खेतों में बाघ के पगचिह्न तलाश रहे थे। कुछ दूरी पर तालाब के पास गन्ने के खेत में छिपा बाघ रेंजर और वनकर्मियों पर झपट पड़ा। 
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करीब 30 कदम दूर बाघ को सामने देख वन कर्मियों के होश उड़ गए। जैसे-तैसे टीम ने खुद को संभाला। हाथ में थमे डंडों को दिखाकर शोर शराबा किया। इस पर बाघ वहां रुक गया। वन कर्मी धीरे-धीरे पीछे हटकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचे। रेंजर ने बताया कि पगचिह्न ट्रेस करते समय बाघ ने झपटने का प्रयास किया। किसी तरह टीमें को सुरक्षित किया गया।
 
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