महोफ और माला रेंज के बॉर्डर पर वैसे तो जालफेंसिंग की गई है। कुछ स्थानों पर देखरेख के अभाव में जालफेंसिंग क्षतिग्रस्त हो गई है। इसके चलते रविवार रात बाघ जंगल से बाहर निकलकर खेतों की ओर पहुंच गया। गन्ने की सिंचाई कर रहे किसान मुकेश कुमार को मार दिया। घटना के बाद करीब दो घंटे तक ग्रामीणों का आक्रोश देखने को मिला।
गन्ने के खेत में छिपा था बाघ
शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजे जाने के बाद पीटीआर और सामाजिक वानिकी की टीमें बाघ की लोकेशन पता करने में जुटी। इस दौरान माला रेंजर रोबिन कुमार सिंह तीन-चार वनकर्मियों के साथ घटना स्थल के आसपास खेतों में बाघ के पगचिह्न तलाश रहे थे। कुछ दूरी पर तालाब के पास गन्ने के खेत में छिपा बाघ रेंजर और वनकर्मियों पर झपट पड़ा।
करीब 30 कदम दूर बाघ को सामने देख वन कर्मियों के होश उड़ गए। जैसे-तैसे टीम ने खुद को संभाला। हाथ में थमे डंडों को दिखाकर शोर शराबा किया। इस पर बाघ वहां रुक गया। वन कर्मी धीरे-धीरे पीछे हटकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचे। रेंजर ने बताया कि पगचिह्न ट्रेस करते समय बाघ ने झपटने का प्रयास किया। किसी तरह टीमें को सुरक्षित किया गया।