पीलीभीत के मझोला क्षेत्र के भिंडारा में बुधवार को एक किसान ने आत्मदाह का प्रयास किया। उसका आरोप है कि करीब डेढ़ साल पूर्व खेत की तूदाबंदी को लेकर अमरिया तहसील में वाद दायर किया गया था, लेकिन लंबा समय बीतने के बाद भी कोई निस्तारण नहीं किया गया। आरोप है कि खेत के आसपास एक जनप्रतिनिधि समेत अन्य लोगों ने प्लॉटिंग शुरू कर दी है।
भिंडारा निवासी पीड़ित किसान राजेश वर्मा ने बताया कि डेढ़ साल पूर्व तूदाबंदी का वाद दायर किया था। पिछले साल मार्च में कच्ची तूदाबंदी भी तहसील प्रशासन ने करा दी थी। खेत के एक ओर सत्ता से जुड़े एक जनप्रतिनिधि द्वारा प्लॉटिंग शुरू कर दी, दूसरे ओर भी भट्ठा स्वामी ने दीवार खड़ी कर दी। पक्की तूदाबंदी तक निर्माण न होने की मांग को लेकर तहसील प्रशासन से मांग की गई।
लेखपाल के सामने किसान ने खुद पर डाला पेट्रोल
किसान ने बताया कि तहसील दिवस में भी प्रार्थना पत्र दिया गया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो सकी। बुधवार को हल्का लेखपाल को पीड़ित ने मौके पर बुलाया और निर्माण कार्य रोकने की बात कही। पीड़ित का कहना है कि आसपास खेतों में निर्माण कराने वाले जान से मारने की धमकी भी देते रहे हैं। लेखपाल द्वारा संतुष्ट जवाब नहीं दिया गया। इससे आहत होकर पीड़ित ने लेखपाल समेत अन्य लोगों की मौजूदगी में अपने ऊपर पेट्रोल डाल लिया।
आग लगाने से पूर्व ही लोगों ने उसे रोक लिया। घटना के बाद मौके पर हड़कंप मच गया। सूचना पर एसडीएम अमरिया मयंक गोस्वामी मौके पर पहुंचे और समस्या का त्वरित निस्तारण कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद एसडीएम पीड़ित पक्ष के लोगों को अपने साथ तहसील ले गए। घटना की जानकारी पर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई थी।