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खेत, आबादी में घूम रहे बाघ, दहशत में ग्रामीण

Thu, 27 Apr 2017 10:32 PM IST
पीलीभ्ाीत ब्यूराो
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क्षेत्र में बाघ की दहशत कम नहीं हो रही है। शाम होते ही अमरिया-ड्यूनी डाम होते हुए मझोला जाने वाले मार्ग पर बाघों की चहलकदमी के कारण आवागमन बंद हो जाता है। किसान अपने गन्ने की सिंचाई करने नहीं जा पा रहे हैं, जिससे फसल सूख रही है।
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दहशत का आलम यह है कि ड्यूनी डाम चौकी पर तैनात पुलिस शाम होते ही जनता की सुरक्षा तो दूर खुद को ही असुरक्षित महसूस करने लगती हैं। पुलिस चौकी की चहारदीवारी न होने से पुलिस वाले बाघों के डर से भीषण गर्मी में भी बंद कमरे में रहते हैं। बाघों की निगरानी में लगी टीमें भी सूर्य अस्त होते ही गायब हो जाती हैं। 
बुधवार शाम आठ बजे गांव भूड़ा कैमोर निवासी सुरेंद्र कुमार गांव जोशी कालोनी से अपना मेडिकल स्टोर बंद करके बाइक पर अपने घर लौटे रहे थे। कैनाल कोठी के पास अचानक बाघ सामने आ जाने से सुरेंद्र बाइक छोड़कर चिल्लाता हुआ डाम पर जा पहुंचा। उसने मोबाइल से बाघ होने की सूचना पहले पुलिस को दी। मगर इससे पहले पुलिस वाले चौकी के पास बाघ को देख चुके थे। उधर, सुरेंद्र के फोन करने पर परिवारीजन और ग्रामीण एकत्र होकर ट्रैक्टर-ट्राली में शोर मचाते हुए मौके पर पहुंचे। शोर सुनकर बाघ खेतों की ओर चला गया।
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इससे एक सप्ताह पूर्व भी डयूनीडाम के पास बाइक पर हुए बाघ के हमले में गांव दियोरनियां निवासी बुद्धसेन व उनके रिश्तेदार दुर्गाई लाल गंभीर रूप से घायल हुए थे। किसान प्रशांत शुक्ला ने बताया कि बाघों की दहशत से खेतों में काम करने को कोई मजदूर नहीं मिल रहा है। इससे गन्ने की सिंचाई न होने के कारण गन्ने की फसल सूख रही है। प्रशांत शुक्ला ने बताया दो दिन पूर्व उनका ड्राइवर ट्रैक्टर से खेत में जुताई कर रहा था। ट्रैक्टर के सामने अचानक बाघ के आ जाने से ड्राइवर बेहोश हो गया। बाघ तो खेतों में चला गया, लेकिन ड्राइवर को कुछ देर के बाद होश आया। दहशत में आया ड्राइवर उसी दिन से बीमार है।
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