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Pilibhit News: प्रचार-प्रसार के अभाव में दम तोड़ रही खेत तालाब योजना

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बीसलपुर के राजकीय कृषि बीज भंडार में लगाया गया योजना का पंफलेट। संवाद
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बीसलपुर। प्रचार-प्रसार के अभाव में भूमि संरक्षण विभाग की खेत-तालाब योजना ब्लॉक क्षेत्र में दम तोड़ रही है। प्रचार-प्रचार के अभाव का ही नतीजा है कि इस योजना से पिछले पांच वर्षों में एक भी किसान लाभ नहीं उठा सका है। कृषि विभाग ने प्रचार प्रसार करने के नाम पर राजकीय कृषि बीज भंडार के भवन की एक दीवार पर इस योजना से संबंधित एक छोटा सा पोस्टर लगा रखा है।
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भूमि संरक्षण विभाग ने वर्ष 2021 में राष्ट्रीय कृषि विकास कार्यक्रम के तहत खेत-तालाब योजना शुरू की थी। योजना में यह नियम बनाया गया कि अपने खेत में तालाब खोदवाने वाले किसानों को भूमि संरक्षण विभाग की ओर से 52,500 रुपये प्रोत्साहन स्वरूप मिलने थे। पहली किस्त 39,375 रुपये और दूसरी में 13,125 रुपये मिलने का प्रावधान किया गया।
यह भी नियम बनाया गया कि किसानों को अपने खेत में 22 मीटर लंबा, 20 मीटर चौड़ा और तीन मीटर गहरा तालाब खोदवाना पड़ेगा। तालाब में पानी भरने के लिए पड़ोस में पंपिंग सेट लगाने का 50 प्रतिशत खर्चा भी विभाग किसानों को देगा। संबंधित किसान उस तालाब में मछली पालन, सिंघाड़ा और अपनी पसंद का कोई भी कारोबार कर सकते हैं।
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नियमावली में स्पष्ट किया गया कि केवल कृषि विभाग के अभिलेखों में पंजीकृत किसान ही इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। कुल मिलाकर किसानों के लिए यह एक महत्वपूर्ण योजना है। भूमि संरक्षण विभाग ने अपने अधिकारियों, कर्मचारियों के अलावा इस योजना का प्रचार-प्रसार करने की जिम्मेदारी कृषि विभाग को भी सौंपी थी। दूसरे विभाग की योजना होने के कारण कृषि विभाग ने इसका अपेक्षित प्रचार-प्रचार करने की आवश्यकता नहीं समझी। यही वजह है कि वर्ष 2021 से अभी तक इस योजना से एक भी किसान लाभ नहीं उठा पाया। (संवाद)

इस ब्लॉक क्षेत्र में हैं लगभग 50 हजार किसान
कृषि विभाग के अभिलेखों के अनुसार इस ब्लॉक क्षेत्र में लगभग 50 हजार किसान हैं। इनमें से एक भी किसान द्वारा इस योजना से लाभान्वित न हो पाना विभाग के निठल्लेपन का प्रमाण है।

कृषि कार्यालय में सैकड़ों किसान आते हैं रोजाना
राजकीय कृषि बीज भंडार ,कृषि रक्षा इकाई और कृषि उप संभाग कार्यालय तीनों संस्थाएं एक ही परिसर में स्थित है। इन तीनों संस्थानों में रोजाना सैकड़ों किसान आते हैं। इस परिसर में समय-समय पर किसानों की गोष्ठियां भी होती रहती हैं। इसके बाद भी विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने इन किसानों को इस महत्वाकांक्षी योजना की जानकारी नहीं दी।



कृषि पाठशालाओं में भी नहीं दी गई जानकारी
ब्लॉक क्षेत्र के गांवों में समय-समय पर कृषि विभाग द्वारा आयोजित होने वाली कृषि पाठशालाओं में भी इस योजना के बारे में किसानों की जानकारियां नहीं दी गई। भूमि संरक्षण विभाग के अधिकारी और कर्मचारी समय-समय पर ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रमण करते रहते हैं l कभी-कभी यह कर्मचारी सर्वे भी करते रहते हैं। फिर भी किसानों को इस योजना के बारे में कुछ नहीं बताया गया। साथ ही ब्लॉक सभागार में प्रत्येक तीन माह बाद आयोजित होने वाली क्षेत्र पंचायत समिति की बैठकों में भी विभाग के अधिकारियों ने इस महत्वपूर्ण योजना की जानकारी लोगों को नहीं दी जाती।




ग्रामीण बोले- यदि प्रचार-प्रसार होता तो अवश्य ले लाभ
गांव में इस योजना का कोई भी प्रचार प्रसार नहीं किया गया। यदि प्रचार प्रसार होता तो वह विभाग के अधिकारियों से निश्चित रूप से संपर्क स्थापित करते।- कृष्ण बहादुर गंगवार, कृषक, गांव लाडपुर

इस महत्वपूर्ण योजना का प्रचार प्रसार न किए जाने के लिए भूमि संरक्षण विभाग पूरी तरह से जिम्मेदार है। इसी कारण किसानों को योजना का लाभ नहीं मिल पाया।- धर्मपाल यादव, कृषक, गांव गोवल


भूमि संरक्षण विभाग की खेत तालाब योजना का उनके विभाग द्वारा लगातार प्रचार प्रसार किया जा रहा है। इत्तेफाक की बात है कि अभी तक एक भी किसान ने इस योजना का लाभ नहीं उठा पाया है।- रामकुमार श्रीवास्तव, अवर अभियंता, भूमि संरक्षण विभाग

बीसलपुर के राजकीय कृषि बीज भंडार में लगाया गया योजना का पंफलेट। संवाद

बीसलपुर के राजकीय कृषि बीज भंडार में लगाया गया योजना का पंफलेट। संवाद

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