बीसलपुर के एक नर्सिंग होम में प्रसव के बाद नवजात की मौत हो गई। इससे आक्रोशित परिजनों ने स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। पुलिस को तहरीर भी दी, लेकिन बाद में दोनों पक्षों में समझौता हो गया।
पीलीभीत के बीसलपुर में प्रसव के बाद नवजात की मौत हो गई। परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए नर्सिंग होम में हंगामा किया। बीसलपुर-शाहजहांपुर मार्ग पर जाम की स्थिति बनी। लोगों को आवागमन में मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
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गांव बिहारीपुर कुमरिखा निवासी मनोज कुमार भोजवाल ने बताया कि प्रसव पीड़ा होने पर पत्नी अर्चना देवी को बुधवार की देर रात सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाए थे। स्वास्थ्य केंद्र के परिसर में घूम रहा एक दलाल उन्हें बरगलाकर नगर के एक नर्सिंग होम में ले गया। कहा कि सरकारी अस्पताल में उपचार सही नहीं होता है। नर्सिंग होम में आधी रात के बाद प्रसव तो हो गया लेकिन नवजात की मौत हो गई।
दोनों पक्षों में हो गया समझौता
मृत शिशु को देखकर परिजन आक्रोशित हो गए। इसी बीच मनोज कुमार के बड़े भाई शेर सिंह ने कोतवाली में तहरीर दे दी। आरोप लगाया कि नर्सिंग होम वालों ने मुंह मांगे पैसे न मिलने पर उनके नवजात शिशु को मार दिया। पुलिस ने बमुश्किल हंगामा शांत कराया। इसके बाद दोनों पक्षों में लिखित समझौता हो गया।
समझौता होने के बाद ग्रामीण अपने घरों पर चले गए। कोतवाल संजीव शुक्ला ने बताया कि दोनों पक्षों में लिखित समझौता हो गया है। इस मामले की कोई तहरीर पुलिस में नहीं आई है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. लेखराज गंगवार ने बताया कि यह मामला संज्ञान में आ गया है। मामले की जांच शुरू हो गई है। पूरे प्रकरण की गहनता से जांच कराई जाएगी और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई होगी।