पीलीभीत। पति-पत्नी के आपसी तनाव, गलत फहमियों और घरेलू विवादों के कारण टूटते रिश्तों को सहेजने में परिवार परामर्श केंद्र अहम भूमिका निभा रहा है। संवेदनशील मामलों में संवाद और काउंसलिंग के जरिये परिवारों को एकजुट रखने का काम केंद्र कर रहा है।
जनवरी 2025 से अब तक परिवार परामर्श केंद्र में कुल 788 प्रार्थनापत्र प्राप्त हुए। इन मामलों में पक्षकारों की काउंसलिंग कर विवाद की मूल वजह को समझने और सुलझाने का प्रयास किया गया। नतीजतन, 179 मामलों में पति-पत्नी के बीच सुलह कराई गई और वे फिर से साथ रहने को राजी हुए। हालांकि, 85 मामलों में मुकदमा दर्ज करने की नौबत आई, जबकि 404 मामले निस्तारण के लिए अदालत तक पहुंचे। परामर्श केंद्र के अधिकारियों का मानना है कि कई बार संवाद की कमी और बाहरी हस्तक्षेप रिश्तों को खराब कर देता है। समय रहते उचित मार्गदर्शन मिलने पर रिश्तों में आई दरार को पाटा जा सकता है। संगठित तरीके से हो रही इस पहल ने कई टूटते घरों को नया जीवन दिया है, जिससे समाज में सकारात्मक संदेश भी जा रहा है।
संवाद बना सहारा : ऐसे सुलझे रिश्तों के उलझे धागे
शक ने बढ़ाई दूरी, दूर हुई गलतफहमी
बीसलपुर के एक युवक को शक था कि उसकी पत्नी किसी से बात करती है। तनाव इतना बढ़ा कि मामला परामर्श केंद्र पहुंचा। दोनों की काउंसलिंग में यह सामने आया कि पत्नी सिर्फ अपनी बहन से सलाह ले रही थी। गलतफहमी दूर हुई और दंपती साथ लौट गए।
गुस्से ने बढ़ाया फासला, धैर्य ने घटाया
बरखेड़ा के दंपती के बीच छोटी-छोटी बातों पर झगड़े होते थे। पति का स्वभाव तेज था, पत्नी चुप रह जाती थी। काउंसलिंग में उन्हें एक-दूसरे को समझने और संयम रखने का महत्व बताया गया। दोनों ने रिश्ते को एक और मौका दिया। हंसी-खुशी जीवन यापन शुरू किया।
सास-बहू के झगड़े में फंसा रिश्ता
पूरनपुर क्षेत्र में पत्नी को सास के ताने झेलने पड़ते थे। पति मां के पक्ष में रहता था। काउंसलिंग में परिवार के सभी सदस्यों को बुलाया गया। सास को भी समझाया गया। माहौल सुधरा और महिला घर लौट आई। तीन प्रयासों में विवाद दूर हो सका।
मायके से दूरी बनी कारण, मिलकर सुलझाया समाधान
न्यूरिया क्षेत्र की रहने वाली एक महिला मायके अक्सर जाना चाहती थी, जिससे पति को परेशानी होती थी। दोनों में लड़ाईयां होती रहीं। विवाद बढ़ने पर मामला परामर्श केंद्र पहुंचा। इसपर दंपती को समय बांटने और प्राथमिकताएं तय करने की सलाह दी गई। सहमति बनी और विवाद खत्म हुआ।