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Pilibhit News: गिरताऊ पेड़ और लटकती टहनियों से संकट में सफर

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गन्ना विभाग के कार्यालय के लगा पेड़ सड़क की ओर झु़क गया। संवाद - फोटो : samvad
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पीलीभीत। टनकपुर हाईवे, बनकटी से नया बाइपास, कलीनगर-शाहगढ़ और बरेली मार्ग के किनारे कुछ पेड़ सफर में खतरा बढ़ा रहे हैं। गिरने की स्थिति में पहुंच चुके ये पेड़ कभी भी मार्ग से गुजरते वाहन को अपनी चपेट में लेकर बड़ा हादसा करा सकते हैं। खासतौर से आंधी के वक्त। आड़े तिरछे पेड़ और लटकती टहनियों में भी फंसकर कई वाहनों को नुकसान हो चुका है। राहगीर भी इन जगहों से गुजरते हुए डरते हैं। 
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परिवहन विभाग तो हादसों की इस आशंका को समझ रहा है, मगर वन विभाग और लोक निर्माण विभाग बेपरवाह बने हुए हैं। परिवहन विभाग ने 15 से अधिक स्थानों पर ऐसे गिरताऊ पेड़ों काे चिह्नित कर उन्हें हटाने के लिए वन विभाग से कहा था।

इस बात को करीब दो महीने गुजर गए, मगर अब तक ध्यान नहीं दिया गया। लोक निर्माण विभाग ने तो इस ओर ध्यान ही नहीं दिया। कारण यह है कि पेड़ हटवाने के लिए विभाग को भुगतान करना होगा, इसके लिए विभाग के पास बजट नहीं है। केवल पेड़ गिरने की स्थिति में ही वन विभाग किसी दूसरे विभाग से रकम नहीं लेता है।
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एआरटीओ वीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि मुख्य सड़कों के किनारे गिरने की स्थिति वाले इन पेड़ों को चिह्नित किया गया है। 15 से अधिक स्थानों पर इस तरह के पेड़ हैं। इस संबंध में वन विभाग को सूचना भेजी जा चुकी है। पेड़ों का कटान या छंटान उनके स्तर से ही किया जाएगा। लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन राजेश चाैधरी ने बताया कि अगर पेड़ गिरने की स्थिति में है तो वन विभाग ही उन्हें हटवा सकता है। हालांकि जो पेड़ तिरछे हो गए या गिरने की स्थिति में है, विभाग की ओर से उन पर रिफ्लेक्टर आदि लगवाए गए हैं। संवाद

सड़क किनारे गिरने की हालत में खड़े पेड़ों के कटान या छंटान के संबंध में अभी किसी विभाग से जानकारी लिखित में नहीं मिली है। इस संबंध में जानकारी कराएंगे। - भरत कुमार डीके, डीएफओ सामाजिक वानिकी

कलीनगर-शाहगढ़मार्ग पर भी हादसों का कारण बन सकते हैं पेड़

कलीनगर। कलीनगर से शाहगढ़ होकर असम हाईवे को जोड़ने वाले मार्ग का हाल ही में निर्माण कराया गया है। इसके बाद भी राहगीरों को राहत नहीं मिल सकी है। मार्ग के दोनों ओर खड़े पेड़ों में से कई गिरने की स्थिति में पहुंच गए है। क्षेत्रीय लोगों की मांग के बाद विभाग की ओर से इन पेड़ों को चिह्नित किया गया। इसी तरह पूरनपुर-खटीमा मार्ग पर भी कई पेड़ मार्ग सफर को खतरनाक बना रहे हैं। संवाद
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डीएम आवास के बाहर भी हादसे का डर
टनकपुर हाईवे स्थित जिलाधिकारी आवास के बाहर एक पेड़ पुराना होने के चलते उसकी जड़ें कमजोर हो गई हैं। इससे पेड़ का पूरी तरह झुकाव मार्ग की ओर हो गया है, जो कि पूरी तरह से हादसे का संकेत भी बना हुआ है व कभी भी इस पेड़ के नीचे से गुजरने वाले इसका शिकार हो सकते है।
गोदाम के बाहर झूल रही पेड़ की डाल

टनकपुर हाईवे स्थित एफसीआई गोदाम के बाहर एक पेड़ दूर से आने वाले व्यक्ति को पूरी तरह गिरता हुआ दिखाई देता है। लगभग 50 फुट ऊंचे इस पेड़ की डाल टूटकर हाईवे पर झूल रही है, जो किसी भी समय गिर सकती है।
जल निगम कार्यालय के बाहर लगे पेड़ में होती है दिक्कत

टनकपुर हाईवे स्थित जल निगम कार्यालय के बाहर लगा पेड़ घना होने के साथ पुराना होने के चलते पूरी तरह हाईवे पर झुक चुका है। इसकी टहनियां 15 फुट से ऊंची नहीं है। इससे कई बार वाहन टहनियों में फंसते-उलझते रहते हैं। हालांकि पेड़ गिरने से ज्यादा नुकसान की आशंका है।
गन्ना विभाग कार्यालय के बाहर हाईवे पर पूरी तरह झुका पेड़

शहर से गुजरे टनकपुर हाइवे किनारे जिला गन्ना अधिकारी के कार्यालय के बाहर टनकपुर हाईवे के किनारे खड़ा पेड़ बिल्कुल गिरने की स्थिति में पहुंच गया है। किसी भी समय तेज हवा में यह पेड़ उखड़कर हादसे का कारण बन सकता है, मगर जिम्मेदार बेपरवाह हैं। पेड़ को हटाना दूर, टहनियों का छंटाई तक नहीं कराई जा रही।

गन्ना विभाग के कार्यालय के लगा पेड़ सड़क की ओर झु़क गया। संवाद- फोटो : samvad

गन्ना विभाग के कार्यालय के लगा पेड़ सड़क की ओर झु़क गया। संवाद- फोटो : samvad

गन्ना विभाग के कार्यालय के लगा पेड़ सड़क की ओर झु़क गया। संवाद- फोटो : samvad

गन्ना विभाग के कार्यालय के लगा पेड़ सड़क की ओर झु़क गया। संवाद- फोटो : samvad

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