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Pilibhit News: यूट्यूब से सीखा तरीका... जनसेवा केंद्र में छापने लगे जाली नोट, सरगना समेत चार जालसाज गिरफ्तार

Mon, 24 Feb 2025 12:57 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत

सार

पीलीभीत के बरखेड़ा क्षेत्र में पुलिस ने रविवार रात जाली नोटों के साथ चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी बरेली, शाहजहांपुर और बदायूं के रहने वाले हैं।
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आरोपियों से बरामद हुए जाली नोट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पीलीभीत जिले में पुलिस ने जाली करेंसी के साथ अंतरराज्यीय गैंग के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से 2.90 लाख रुपये की नकली करेंसी और नोट छापने की मशीन समेत अन्य उपकरण बरामद किए गए। आरोपी बरेली, शाहजहांपुर और बदायूं के रहने वाले हैं। मामले में बरखेड़ा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। सोमवार देर शाम एएसपी विक्रम दहिया ने घटना का खुलासा कर आरोपियों को जेल भेज दिया।

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एएसपी ने बताया कि सोमवार को बरखेड़ा थाने एसएसआई महेंद्र सिंह टीम के साथ चेकिंग अभियान में जुटे थे। इस दौरान थाना क्षेत्र के रपटा पुल के पास से चार व्यक्तियों को पकड़ा। पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम रिजवान निवासी ग्राम दीपपुर थाना खुदागंज जनपद शाहजहांपुर, खलील अहमद निवासी ग्राम व थाना दातागंज जनपद बदायूं, अब्दुल सत्तार निवासी मोहल्ला नजरपुर कस्बा व थाना तिलहर जनपद शाहजहांपुर व फरियाद निवासी ग्राम भगवन्तापुर थाना फरीदपुर जनपद बरेली बताया। रिजवान के पास से 50 हजार, खलील के पास से 40 हजार, अब्दुल सत्तार के पास से 1.60 लाख रुपये व फरियाद के पास से 40 हजार रुपये सहित कुल 2.90 लाख की जाली करेंसी बरामद की गई।

कलर प्रिंटर, रिम कागज समेत उपकरण बरामद
आरोपियों के पास से एक बाइक के अलावा नोट छापने के उपकरण बरामद हुए। इसमें एक लैपटाप, एक प्रिंटर, एक पेपर कटर, एक पैमाना, चार चमकदार हरा टेप, दो ब्लेड, एक कैची, रबर बैंड, दो प्रिंटर कलर की सीसी, एक चिमटी, एक खुला रिम कागज, तेरह पेज भारतीय करेंसी छपे हुए, छह मोबाइल फोन भी बरामद हुए हैं।

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सरगना सत्तार के जनसेवा केंद्र में छापते थे जाली नोट
जाली नोट बनाने के आरोपियों में शाहजहांपुर निवासी सत्तार सरगना है। सत्तार के जनसेवा केंद्र पर ही चोरी छिपे नकली नोट को छापा जाता था। पूछताछ में आरोपियों ने इसका खुलासा किया। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि रुपये की जरूरत पर इस धंधे को शुरू किया। इसके लिए यू-ट्यूब पर वीडियो देखकर नकली नोट छापने का तरीका सीखा है।

असली नोट को मशीन से प्रिंट करते हैं और स्कैनर से अन्य रुपरेखा असली नोट की तरह तैयार करते थे। नकली नोटों को अन्य जनपदों व ग्रामीण इलाकों में जगह-जगह चलाते थे। सीधे-साधे लोगों को लालच देकर उनको असली नोट के स्थान पर दो गुना नकली नोट देने का धंधा करते थे। आरोपी अपना नंबर और नाम पता नहीं बताते थे। पार्टी आदि में मांगने पर उनके बताए स्थान पर करेंसी उपलब्ध करा देते थे।
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सरगना अब्दुल सत्तार अपना ज्यादा हिस्सा लेकर शेष धनराशि बराबर-बराबर अन्य आरोपियों को बांटता था। करीब एक साल से इस धंधे को अंजाम दिया जा रहा था। अब्दुल सत्तार के जनसेवा केंद्र पर चोरी छिपे नकली नोट छापते थे। लोगों को शक होने पर सामान और करेंसी को अन्य जगह ठिकाने लगाने के लिए आरोपी यहां तक पहुंचे थे।
 
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