तीन दिवसीय दौरे पर आए बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री योगेश प्रताप सिंह का काफिला रविवार को वापस हो गया। जाने से पहले उन्होंने एवं उनके परिवार ने अलग अलग जंगल का भ्रमण किया। इस दौरान राज्यमंत्री को बाघ के दर्शन नहीं हुए। कई गाड़ियों से जंगल घूमने के मामले पर उन्होंने खेद जताया और भविष्य में ध्यान रखने की बात कही।
शुक्रवार की देररात राज्यमंत्री मुस्तफाबाद गेस्ट हाउस पहुंचे थे। दो दिन उन्होंने और उनके परिवार ने महोफ, बराही और माला रेंज का दौरा कर प्रकृति का आनंद उठाया। चूका स्पाट भी उन्हें काफी पंसद आया। रविवार सुबह वह महोफ रेंजर केपी सिंह के साथ महोफ जंगल पहुंचे और यहां बन रहे टॉवर हट से जंगल का नजारा देखा।
उन्होंने इसे पर्यटकों के लिए काफी सुविधाजनक बताते हुए और हट बनवाने का सुझाव दिया। उधर अन्य वाहनों से उनके परिवार के सदस्यों ने बराही रेंज का भ्रमण किया। सूत्रों की अनुसार उनके परिवार को बराही रेंज में तेंदुआ देखने को मिला। भ्रमण के बाद उन्होंने पत्रकारों को बताया कि पीलीभीत का जंगल प्रदेश का बेहतरीन जंगल है और इसे बनाए रखने की जरूरत है।
उनके एक दर्जन वाहनों के काफिले के साथ जंगल घूमने की खबर पर उन्होंने कहा कि वन्यजीवों की सुरक्षा के चलते गाड़ियों से इस तरह घूमना वाकई गलत है और इसका भविष्य में ध्यान रखेंगे। उन्होंने वन अधिकारियों से चूका स्पाट और जंगल में बढ़ते पर्यटकों के दबाव को देखते हुए ऐसी योजना तैयार करने के निर्देश दिए जिससे पर्यटकों को भी असुविधा न हो और वन्यजीव भी प्रभावित न हों।
उन्होंने टाइगर रिजर्व को और बेहतर बनाने के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन भेजने को कहा। उनके साथ अतुल सिंह व निर्भय सिंह भी मौजूद रहे। उनके रवाना होने से पूर्व शिक्षक संघ के पूरनपुर ब्लाक अध्यक्ष रामाधार पांडेय, ब्रजेश शुक्ला और सूर्यकांत ने उनसे मुलाकात कर शिक्षकों की समस्याओं का ज्ञापन सौंपा। दोपहर बाद राज्यमंत्री का काफिला लखनऊ रवाना हो गया।