जिला अस्पताल में स्लिट लैंप से मरीज की आंखो की जांच करती चिकित्सक। संवाद
जिला अस्पताल के नेत्र रोग कक्ष में लग रही मरीजों की भीड़, स्लिट लैंप से हो रही जांच
पीलीभीत। गर्मी बढ़ने के साथ तेज हवाओं से उड़ रही धूल ने इन दिनों लोगों की आंखों पर बुरा असर डालना शुरू कर दिया है। इससे आंखों में जलन, लालिमा, खुजली व धुंधलापन के साथ आंखों से पानी आने की शिकायत बढ़ गई है।
बुधवार को जिला अस्पताल के नेत्र कक्ष में 150 से अधिक मरीजों की ओपीडी रही। मरीजों ने कतार में लगकर पर्चा बनवाया व चिकित्सक से परामर्श लिया। इस दौरान 30 प्रतिशत से अधिक मरीजों की आंखों में धूल से रेशे में लालपन (कंजक्टिवाइटिस) की शिकायत देखी गई। वहीं, काफी मरीजों की आंखों में खुजली के साथ लालिमा, धुंधलेपन के साथ पानी आने आदि की शिकायत देखने को मिली। चिकित्सक ने स्लिट लैंप से मरीजों की आंख जांचने के साथ कुछ मरीजों का विजन जांच कराया व आंखों की नियमित सफाई रखने के साथ आंखों में डालने के लिए ड्रॉप आदि दिए। संवाद
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आंखों में बढ़ रही परेशानी पर नेत्र रोग विशेषज्ञ की सलाह
जिला अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. आरके गुप्ता ने आंखों में धूल से बढ़ रही परेशानियों पर सलाह देते हुए बताया कि ऐसे मौसम में बाहर निकलते समय हमेशा चश्मा या सनग्लास का प्रयोग करें। दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट के शीशे को नीचे रखें। आंखों में जलन, खुजली या लालिमा होने पर उन्हें बार-बार हाथ से न रगड़ें, बल्कि साफ व ठंडे पानी से धोएं। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से आई ड्रॉप का उपयोग करें। दिन में दो से तीन बार आंखों को ठंडे पानी से धोएं।