पीलीभीत। पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) के जंगल में कच्ची शराब बनाने के मामले में हुई जांच के बाद बराही रेंजर समेत एक वन दरोगा से स्पष्टीकरण मांगा गया है। मामले में एक वन वॉचर की संलिप्तता मिलने पर उसे हटा दिया है। पीटीआर के डिप्टी डायरेक्टर के मुताबिक, इस मामले में कार्रवाई जारी है। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
तराई के इस छोटे से जिले में कच्ची शराब बनाने का धंधा कई जगह चल रहा है, मगर अब धंधेबाजों ने पकड़ में आने से बचने के लिए जंगल का सहारा लिया है। कच्ची शराब बनाने वाले धंधेबाज जंगल के उस निर्जन स्थान को चुनते हैं जो आबादी क्षेत्र से दूर हो और जहां बड़े वाहनों की आवाजाही न हो सके। इन दिनों कच्ची शराब बनाने वालों के लिए टाइगर रिजर्व की बराही रेंज खासी मुफीद साबित हो रही है। इसी माह की शुरूआत में जंगल में कच्ची शराब बनाने का वीडियो वायरल हुआ था।
यह वीडियो टाइगर रिजर्व की बराही रेंज की सिमरा बीट का होना बताया गया था। मामला अखबारों की सुर्खियां बना तो अगले ही दिन टाइगर रिजर्व प्रशासन ने प्रशिक्षु डीएफओ विकास नायक के साथ टीम को मौके पर भेजकर जांच कराई। बताते हैं कि जांच टीम को मौके पर शराब बनती हुई तो नहीं मिली, मगर कच्ची शराब बनाने के कुछ साक्ष्य जरूर मिले। इस मामले में एक वन दरोगा और एक वन वॉचर की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही थी।
जांच टीम ने अपनी जांच रिपोर्ट टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर नवीन खंडेलवाल को सौंप दी। डिप्टी डायरेक्टर ने बराही के रेंजर दिनेश कुमार गोयल और वन दरोगा सियाराम का स्पष्टीकरण तलब किया है, जबकि वन वॉचर की संलिप्तता पर उसे हटाया दिया गया है। टाइगर रिजर्व प्रशासन के मुताबिक इस मामले में अभी कार्रवाई चल रही है।
गुड्डू मेरी भट्ठी बचा लेना
बराही रेंज की सिमरा बीट में कच्ची शराब बनाने के मामले की जांच करने प्रशिक्षु डीएफओ को टीम के साथ भेजा गया था। बताते हैं कि जैसे ही टीम सिमरा वन चौकी पर पहुंची। टीम ने वन दरोगा सियाराम और वन वॉचर गुड्डू का फोन कब्जे में ले लिया और कच्ची शराब बनाने वाले स्थान की ओर रवाना हो गए। इसी बीच कब्जे में लिया गया एक मोबाइल फोन घनघना उठा और जैसे ही कॉल रिसीव की गई तो दूसरी तरफ से कॉल करने वाले ने जल्दबाजी में वन वॉचर गुड्डू का नाम लेते हुए कहा कि गुड्डू मेरी भट्ठी बचा लेना। इस पर टीम का शक और भी गहरा गया। हालांकि मौके पर चंद साक्ष्य ही मिल सके।
बराही रेंज में कच्ची शराब बनाने के मामले में जांच की गई थी। अभी बराही रेंजर और वन दरोगा सियाराम का स्पष्टीकरण तलब किया गया है। वन वॉचर की संलिप्तता मिलने उसे हटा दिया गया है। फिलहाल अभी कार्रवाई जारी है। दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- नवीन खंडेलवाल, डिप्टी डायरेक्टर, पीलीभीत टाइगर रिजर्व