खाद एवं रसद राज्यमंत्री हेमराज वर्मा द्वारा धान खरीद केंद्र के निरीक्षण
के दौरान गड़बड़ी मिलने पर कई अधिकारियों पर कार्रवाई के आदेश दिए गए थे।
इस पर शासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। खाद्य आयुक्त ने डिप्टी आरएमओ और
मंडल कार्यालय से तीन क्रय केंद्र प्रभारियों का जवाब तलब किया है।
धान
खरीद में गड़बड़ी की शिकायत पर 25 नवंबर को खाद्य एवं रसद राज्यमंत्री
हेमराज वर्मा ने पीलीभीत और पूरनपुर मंडी लगे धान क्रय केंद्रों व राइस
मिलों में धान के स्टाक का निरीक्षण किया था।
इस दौरान बड़े पैमाने पर
गड़बड़ी मिलने पर दो खरीद एजेंसियों के प्रबंधक सहित कई के निलंबन के आदेश
दिए थे, लेकिन विभागीय लापरवाही के चलते अब तक किसी पर कोई कार्रवाई नहीं
हुई। इस मामले में अब खाद्य आयुक्त अजय चौहान ने डिप्टी आरएमओ का जवाब तलब
किया है।
वहीं मंडल कार्यालय ने पूरनपुर के विपणन अधिकारी मिथलेश कुमार एवं
दो क्रय केंद्र प्रभारी कांती राठौर व सीमा गुप्ता का जवाब तलब किया है।
सूत्रों की मानें तो खाद्य आयुक्त द्वारा आरएमओ का भी जवाब तलब किया गया
है।
उधर, शहर की महालक्ष्मी राइस मिल सहित जिले की जिन तीन मिलों पर
कार्रवाई के रूप में उनके लाइसेंस निलंबन के निर्देश राज्यमंत्री ने दिए
थे, अभी उनके लाइसेंस भी निलंबित नहीं किए गए।
इस बाबत मंडी सचिव मनीष सिंह
ने बताया कि पीलीभीत मंडी क्षेत्र में एक राइस मिल के बावत डिप्टी आरएमओ
का पत्र मिला था। इस पर मिल मालिक का स्पष्टीकरण तलब किया गया था। स्थलीय
निरीक्षण भी कर लिया है। जवाब का अध्ययन कर रिपोर्ट तैयारी की जा रही है।