हाईस्कूल व इंटरमीडिएट उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य सोमवार प्रात: दस बजे से ड्रमंड राजकीय इंटर कॉलेज और राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में किया जाना था। इधर लंबित मांगों का निस्तारण न होने के विरोध में माध्यमिक वित्त विहीन शिक्षक महासभा व माध्यमिक शिक्षक संघ के गुटों ने संयुक्त रूप से मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार शुरू कर दिया। शिक्षकों के कार्य बहिष्कार के चलते दोनों मूल्यांकन केंद्र सूने पड़े रहे। दोनों परीक्षा केंद्रों पर शिक्षकों ने नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा के जिलाध्यक्ष विजय कुमार सिंह पाल ने कहा कि प्रदेश सरकार ने वित्त विहीन विद्यालयों के शिक्षकों को मानदेय देने की घोषणा की थी, लेकिन लिखित आश्वासन देने के बावजूद आज तक उसको अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका। कहा कि जब तक मानदेय व अन्य मांगों का निस्तारण नहीं किया जाता, तब तक मूल्याकंन कार्य का बहिष्कार जारी रहेगा। जीजीआईसी मूल्यांकन केंद्र पर भी शिक्षक संगठनों ने संयुक्त रूप से एकत्र होकर मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार किया। शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष प्रभात कुमार गुप्ता ने कहा कि शिक्षामंत्री ने बोर्ड परीक्षाओं के शुरू होने से पहले सभी पारिश्रमिकों का भुगतान कराने का आश्वासन दिया था लेकिन अभी तक मांगें पूरी नहीं हो सकी। जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मूल्यांकन केंद्रों पर शिक्षक संगठनोें की टोलियाें ने भ्रमण कर शिक्षकों को बहिष्कार करने को प्रेरित किया।
कार्य बहिष्कार व प्रदर्शन में यह रहे शामिल
माध्यमिक शिक्षक संघ (पांडेयगुट) के जिलामंत्री चंद्रसेन गंगवार, महेंद्रपाल गंगवार, मोहम्मद ताहिर, राजवीर सिंह, करमजीत कौर, सतीशचंद्र गंगवार, मुन्नी सक्सेना, रघुवीर सहाय, यहां प्रदर्शन करने वालों में प्रधानाचार्य परिषद के जिलाध्यक्ष डॉ. धनपाल शर्मा, जिलामंत्री अखलाक हसन खां, हरगोविंद देव शर्मा, देवेंद्र पाल गंगवार, मांशिसं शर्मा गुट के जिला संयोजक मदनलाल गंगवार, राजेंद्र प्रसाद द्विवेदी, गेंदनलाल शर्मा आदि।
मात्र तीन शिक्षकों ने किया मूल्यांकन कार्य
माध्यमिक व वित्तविहीन शिक्षकों के बहिष्कार के चलते मूल्यांकन कार्य एक तरह से ठप ही रहा। जीजीआईसी में मात्र एक शिक्षिका व जीआईसी में दो शिक्षकों ने मूल्यांकन कार्य किया।
दो साल पूर्व भी हुआ था बहिष्कार
शिक्षकों द्वारा मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार कोई पहली बार नहीं हुआ है। वर्ष 2013 में पारिश्रमिक बढ़ाने को लेकर सात दिन तक मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार किया गया।
शिक्षकों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं
वर्ष 2012 से 14 तक बोर्ड परीक्षाओं के मूल्यांकन समेत कई अन्य पारिश्रमिकों का भुगतान अभी तक नहीं किया गया है। शिक्षकों का उत्पीड़न अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रभात कुमार गुप्ता, जिलाध्यक्ष माध्यमिक शिक्षक संघ
कार्य बहिष्कार को समर्थन
प्रधानाचार्य परिषद शिक्षक संगठनों द्वारा किए गए मूल्यांकन कार्य के बहिष्कार का सर्मथन करती है। यह समर्थन तब जारी रहेगा तब तक शिक्षक संगठनों की मांगे पूरी नहीं होती।
डॉ. धनपाल शर्मा, जिलाध्यक्ष, प्रधानाचार्य परिषद
बहिष्कार जारी रहा तो ढूंढा जाएगा समाधान
माध्यमिक व वित्तविहीन शिक्षक संगठनों द्वारा मूल्यांकन कार्य बहिष्कार किया गया है। यदि कार्य बहिष्कार जारी रहेगा तो इसका कोई समाधान ढूंढा जाएगा।
जेके वर्मा, डीआईओएस