पूरनपुर। गन्ने की खेत में निराई कर रही महिला को मार डालने वाला बाघ दूसरे दिन भी घटनास्थल के समीप ही मंडराता रहा। गन्ने की फसल देखने गए गांव खिरकिया बरगदिया निवासी गोपी ने खेत की मेड़ पर बाघ को बैठा देख पिता को चीख-चीख कर आवाज लगाई। शोर-शराबा पर बाघ गांव निवासी ताहिर के गन्ने के खेत मेंं घुस गया। सूचना पर वन विभाग की टीम भी पहुंची। बाघ की निगरानी को टीम लगाई गई हैं। घटना स्थल के समीप कैमरे लगाए जाएंगे।
बाघ ने रविवार को गन्ने के खेत में निराई कर रही गांव खिरकिया बरगदिया निवासी रामायन की पत्नी लौंगश्री को मार डाला था। लौंगश्री का शव खेत में दूसरे छोर पर मिला था। सूचना पर पहुंचे वन दरोगा के बाघ के पगचिह्न आसपास न होने की बात कहने पर लोगों ने खरी-खोटी सुनाकर बांधकर डालने की चेतावनी दी थी।
शाम के समय पहुंचे डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने लौगश्री के परिजन को मुआवजा दिलाने, डीएफओ को तार फेंसिंग कराने के निर्देश दिए। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम कराकर शव परिजन को सौंप दिया। सोमवार को शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
बाघ दूसरे दिन फिर घटनास्थल के समीप पहुंचा। बाघ को करीब तीन सौ मीटर की दूरी पर जहरूल के खेत की मेड़ पर बैठा देख गोपी ने पिता को खेत के अंदर से बुलाने के लिए कई बार आवाज लगाई। शोर-शराबा पर कई लोग एकत्र हो गए। तब बाघ ताहिर के गन्ने के खेत में घुस गया।
गांव निवासी विवेक सिंह चौहान ने खेतों में बाघ होने की सूचना वनकर्मियों को दी। वनकर्मी मौके पर पहुंचे और लोगों को बाघ की चहलकदमी होने की जानकारी देकर सतर्क रहने को कहा।
गांव के विवेक सिंह चौहान ने बताया कि बाघ अक्सर गांव चंदिया हजारा से ढक्का चाट, खिरकिया बरगदिया गई सड़क पर और खेतों में लोगों को दिखता है। हरीपुर रेंजर सहीर खान ने बताया कि बाघ की निगरानी को टीम को लगाई गईं हैं। सोमवार की सुबह बारिश होने के चलते उसके पगचिह्न ट्रेस नहीं हो सके। घटनास्थल के आसपास कैमरे लगाए जाएंगे। बाघ पर पूरी नजर रखी जा रही है। संवाद