पीलीभीत। लखनऊ के केजीएमयू (किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी) से 17 जून को सुरक्षा कर्मियों को चकमा देकर फरार हुए बंदी को बंदी रक्षकों ने स्थानीय पुलिस की मदद से दबोच लिया। बंदी को न्यूरिया थाना क्षेत्र में उसके गांव के पास से पकड़ा गया। कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद बंदी को जेल भेज दिया गया। वहीं मामले में लापरवाही बरतने पर दो बंदी रक्षकों को निलंबित कर दिया गया है।
न्यूरिया थाना क्षेत्र के बिथरा गांव निवासी बॉबी को हत्या के मामले में 15 मार्च 2025 को पीलीभीत कारागार में भेजा गया था। 12 जून को जेल में तबीयत बिगड़ने के बाद बंदी को जिला अस्पताल रेफर किया गया। जहां प्रारंभिक उपचार के बाद उसे लखनऊ के केजीएमयू के लिए रेफर किया गया।
बंदी रक्षकों की निगरानी में 12 जून को ही उसे केजीएमयू ले जाकर भर्ती कराया गया। जहां उसका उपचार चल रहा था। 17 जून की सुबह वह पुलिसकर्मियों को चकमा देकर फरार हो गया। सूचना के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। मामले में लखनऊ की चौक कोतवाली में बंदी के फरार होने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
बंद को पकड़ने के प्रयास शुरू किए गए। जेल प्रशासन ने रिपोर्ट आला अफसरों को भेजी। एसपी को भी पत्र भेजकर अवगत कराया गया। इसके बाद लापरवाही उजागर होने पर बंदी रक्षकों टिंकू और आमेंद्र कुमार को निलंबित कर दिया गया।
जेल अधीक्षक राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि बंदी को पकड़ लिया गया है। इस मामले में दो बंदी रक्षकों को निलंबित किया जा चुका है।