पीलीभीत। संपत्ति रजिस्टर में नाम बदलवाने के खेल में नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी सुरेंद्र कुमार फंस गए हैं। जांच में मामला सही पाए जाने के बाद डीएम ने विभागीय कार्रवाई के लिए शासन में संस्तुति की है।
मामला मोहल्ला खुुशीमल का है। यहां जिला स्वतंत्रता संग्राम कार्यालय नाम से जमीन है। यहां कांग्रेस कार्यालय भी रहा है। बता जा रहा है कि यहां स्वतंत्रता सेनानियों की बैठक, उनका ठहरना भी होता था। ईओ के अनुसार इस सोसाइटी के प्रबंधक राजीव गुप्ता हैं जो बाद में प्रबंधक शब्द हटवाकर सिर्फ राजीव गुप्ता कराना चाहते थे। राजीव गुप्ता ने आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। इसमें कहा कि नगर पालिका परिषद के संपत्ति रजिस्टर में नियम विपरीत नाम में बदलने को लेकर ईओ ने पैसे मांगे। इसका ऑडियो और वीडियो बनाया जो डीएम को बतौर सुबूत दिखाए गए।
वहीं ईओ के अनुसार रजिस्टर में पहले प्रबंधक शब्द जुड़ा था जिससे बाद में राजीव गुप्ता ने प्रबंधक शब्द हटवा दिया। जांच के बाद प्रबंधक शब्द फिर जोड़ दिया गया। शिकायत के बाद मामले की जांच नगर मजिस्ट्रेट कर रहे थे। जांच में रिश्वत मांगने की बात सही पाई गई। डीएम ने ईओ सुरेंद्र कुमार पर अवैध धन के लेन देन और सरकारी सेवक आचरण नियमावली के विरुद्ध पाए जाने के बाद विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को संस्तुति की है।
एक शिकायत की जांच चल रही थी। रिश्वत मांगने की बात सही पाई गई। ईओ के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए शासन से संस्तुति कर दी गई है। - पुलकित खरे, डीएम
नाम बदलने के नाम पर पैसे मांगने वाली बात झूठ है। विभागीय जांच के लिए मैं तैयार हूं। नाम बदलवाने के लिए राजीव गुप्ता दबाव बना रहे थे। पैसे मांगने की बात नहीं हुई थी बात टैक्स जमा करने को लेकर हुई थी। मेरी बात तोड़ मरोड़ के पेश की गई। - सुरेंद्र कुमार, ईओ