पीलीभीत/बरखेड़ा। अधिकारियों की बिना अनुमति लिए दो ट्रकों में लादकर बरखेड़ा से अमरिया भरा पचपेड़ा गोशाला भेजे गए 24 गोवंशीय पशुओं की मौत के मामले में शासन ने बरखेड़ा के ईओ राकेश कुमार चौबे पर कार्रवाई की है। शासन ने डीएम की जांच रिपोर्ट पर ईओ को चिकित्सा एवं परिवार कल्याण विभाग में उनके मूल पद पर वापस भेज दिया। शासन का आदेश मिलने के बाद ईओ को तत्काल रिलीव कर दिया गया।
सात मई को बरखेड़ा से दो ट्रकों में 40 गोवंशीय पशु भरा पचपेड़ा गोशाला (अमरिया) भेजे गए थे। वहां गोशाला पहुंचते ही ट्रकों में लदे चार पशु मृत निकले थे। आठ मई को सात और नौ मई को आठ गोवंशीय पशुओं समेत 24 पशुओं की मौत हो गई थी। 12 मई को भरा पचपेड़ा गोशाला के पास सड़क किनारे इन गोवंशीय पशुओं के शव पड़े मिले तो चारो तरफ हल्ला मच गया था। अमर उजाला ने इस मामले में 13 और 15 मई के अलावा अन्य तारीखों में भी समाचार प्रकाशित किए थे। तब प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए उस समय इस मामले में ईओ बरखेड़ा राकेश कुमार चौबे और पशु चिकित्साधिकारी डॉ.वीरपाल सिंह पर पशु क्रूरता अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
गोवंश की मौत पर सवाल उठे तो एडीएम न्यायिक देवेंद्र प्रताप मिश्र से प्रशासन ने जांच कराई थी। उस जांच में ईओ की लापरवाही भी खुलकर सामने आई थी। जांच में पाया गया था कि दूसरी गोशाला में शिफ्ट करते समय गोवंशीय पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण नहीं कराया गया था। बेतरतीबढंग से उन्हें ट्रकों में ठूंस दिया गया था। प्रशासन की ओर से जांच रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी। शासन ने गोवंशीय पशुओं की मौत के मामले का गंभीरता से संज्ञान लिया। उसके बाद ईओ पर कार्रवाई की गई। ईओ राकेश कुमार चौबे को उनके मूल विभाग चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में वापस कर दिया गया। शासन से हुई कार्रवाई का आदेश मिलते ही ईओ बरखेड़ा को डीएम ने तत्काल प्रभाव से रिलीव करने के निर्देश दिए। फिर उन्हें तुरंत रिलीव कर दिया गया।
गोवंशीय पशुओं की मौत के पुराने मामले में ईओ बरखेड़ा को शासन से उनके मूल विभाग में वापस कर दिया गया है। शासन से आदेश मिलने पर ईओ बरखेड़ा को रिलीव कर दिया गया है। - पुलकित खरे, डीएम