पूरनपुर। परिषदीय स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ाने के दावे कागजी साबित हो रहे हैं। अब तक पिछले साल के सापेक्ष 50 फीसदी बच्चों के ही नामांकन हो सके हैं। पिछले साल सात हजार नामांकन हुए थे, लेकिन अब तक सिर्फ साढ़े तीन हजार ही नामांकन हो पाए हैं। 15 स्कूलों में तो एक भी बच्चे का नामांकन नहीं हो सका है। इन स्कूलों के प्रधानाध्यापकों का खंड शिक्षा अधिकारी ने जवाब तलब किया है।
बच्चों का नामांकन बढ़ाने के लिए स्कूल चलो रैलियां निकाली गईं। घर-घर सर्वे किया गया कि कितने बच्चे नामांकन वाले हैं। शिक्षकों ने अभिभावकों से संपर्क कर बच्चों का नामांकन कराने के लिए प्रेरित किया। इस सारी कवायद के बावजूद पिछले साल के मुकाबले आधे ही नामांकन हो सके। सत्र 2022-23 में करीब सात हजार बच्चों के नामांकन परिषदीय स्कूलों मेंं हुए था। इस बार अब तक मात्र साढ़े तीन हजार बच्चे ही पंजीकृत किए गए हैं।
बीएसए ने खराब नामांकन की स्थिति पर नाराजगी जताई है। खंड शिक्षा अधिकारी विजय वीरेंद्र सिंह ने बताया कि कम आबादी वाले गांवों के स्कूलों में बच्चों के नामांकन नहीं हो सके हैं। एक भी नामांकन न करने वाले 15 स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को नोटिस भेजकर उनका जवाब तलब किया गया है। इसके साथ ही उन्हें वेतन रोकने की चेतावनी दी गई है।
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इन स्कूलों में नहीं हुआ एक भी नामांकन
बेगपुर, गरीबपुर, कल्लिया कुर्रैया, कुल्हागाड़ा, मनहरिया, नवदिया नदी किनारे जुकना, पिपरिया सुंदरपुर, सिंबुआ, उदयकरनपुर, चकपुर बल फार्म, वाइफरकेशन, गौतम नगर, भूड़ा।