किसी तरह ग्रामीणों ने खुद को और घरेलू सामान को बचाया। इसके बाद पीपे बजाकर हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ा। प्रधान विवेकानंद का कहना है कि हाथी आबादी क्षेत्र में पहुंचकर झोपड़ियां उजाड़ रहे हैं। वन विभाग को हाथियों का आतंक रोकने के लिए ठोस कदम उठाना चाहिए। परेशान ग्रामीण रातभर जागकर चौकसी कर रहे हैं। रेंजर अरुण मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि वनकर्मियों को सर्तकता बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।