छात्रावास में गंदे पड़े शौचालय। संवाद
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पीलीभीत। अगर आपका बच्चा सरकारी इंटर कॉलेज के हॉस्टल में रहता हो और बिजली का सालाना बिल दो हजार मांगा जाए तो हैरानी जरूर होगी और ऊपर से पांच सौ रुपये सिक्योरिटी के। बेहद बदबूदार बाथरूम, गंदगी के अंबार, पानी की सुविधा तक नहीं। छात्र सुविधा की मांग करें तो उसे अनसुना कर दिया जाता है। यह हाल है शहर के सबसे बड़े ड्रमंड राजकीय इंटर कॉलेज का। हैरानी बात यह है कि डीआईओएस कई बार यहां पहुंचे लेकिन हॉस्टल के छात्रों का हाल तक नहीं जाना।
ड्रमंड कॉलेज में तीन हास्टल हैं। इसमें एक पिछड़ा वर्ग का है जो 2014-16 में बना। दूर दराज गांव के करीब 30 छात्र यहां रहते हैं। इसके अलावा एक पुराना हॉस्टल है और एक नया हॉस्टल। जब हॉस्टल का हाल जाना तो तस्वीर बेहद खराब सामने आई। बाथरूम और शौचालय में काफी गंदगी थी। हॉस्टल में सफाई तक नहीं होती। ठंड के मौसम में छात्रों को पानी के लिए बाहर लगे नल का सहारा है। सबमर्सिबल खराब पड़ा है। छात्रों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सबमर्सिबल डेढ़ माह से खराब है। सही कराने को कहो तो पैसे मांगे जाते हैं। हॉस्टल की सफाई नहीं होती। बिजली उपयोग के सवाल पर बोले कि एक बल्ब जलाते हैं। सोमवार तक हॉस्टल की फीस जमा करनी है। छात्रों ने दबे मुंह बताया कि ढाई हजार रुपये मांगे हैं। जब पुराने हॉस्टल के वार्डन से यह फीस का सवाल किया तो उन्होंने सालाना फीस 680 रुपये बताई। प्रधानाचार्य नई ज्वाइनिंग का हवाला देकर बात टाल गए। पुराने हॉस्टल के छात्रों को भी पानी की बड़ी दिक्कत होती है। इस संबंध में जब डीआईओएस से संपर्क करने की कोशिश की गई तो फोन रिसीव नहीं हुआ।
फीस की रसीद नहीं देता कॉलेज प्रशासन
कॉलेज प्रशासन हॉस्टल फीस की रसीद नहीं देता। अब सोमवार तक तक फीस जमा करने का फरमान जारी किया गया है। दो हजार बिजली का बिल और पांच सौ रुपये सिक्योरिटी के जमा करने हैं जबकि सरकारी हॉस्टल में छात्रों से नाममात्र फीस ही ली जाती है। कॉलेज इसकी रसीद भी नहीं देता।
मुझे ज्वाइन किए कुछ वक्त हुआ है। इसलिए फीस के बारे में मुझे ज्यादा जानकारी नहीं है। सफाई कर्मी न होने के कारण साफ-सफाई की दिक्कत है। बाकी पता कराते हैं जो दिक्कतें होंगी दूर कराएंगे। - संतोष कुमार, प्रधानाचार्य
पिछले वर्ष बकाया होने की वजह से बिजली कट गई थी। इसलिए दो हजार रुपये बिजली का बिल और पांच सौ रुपये सिक्योरिटी मनी लेेने के आदेश प्रधानाचार्य ने दिए थे ताकि बकाया के मामले में बिजली न कटे लेकिन अभी किसी बच्चे से कोई शुल्क नहीं लिया गया है। जहां गंदगी की बात है उसकी साफ-सफाई कराई जाएगी। -डॉ. आरपी सिंह, वार्डन