पीलीभीत। विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 की तैयारियों के तहत जिले में चल रही ईवीएम की फर्स्ट लेवल चेकिंग (एफएलसी) प्रक्रिया का शुक्रवार को दिल्ली और बिहार से आए निर्वाचन अधिकारियों ने निरीक्षण किया। एफएलसी की प्रक्रिया देखने पहुंचे अधिकारियों को हैदराबाद से आए एक इंजीनियर के दस्तावेजों में कुछ कमी मिली। इस पर संबंधित इंजीनियर को कार्यमुक्त कर दिया गया। कार्रवाई के बाद निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों ने एफएलसी के दौरान दस्तावेजों के सत्यापन और निर्धारित मानकों के पालन को लेकर सतर्कता और बढ़ा दी है।
जिले में दो सितंबर से 16 सितंबर तक ईवीएम की फर्स्ट लेवल चेकिंग का काम कई चरणों में किया जा रहा है। जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय स्थित निर्धारित परिसर में एफएलसी की प्रक्रिया सिलसिलेवार ढंग से चल रही है। हैदराबाद से आए इंजीनियरों की टीम ईवीएम और संबंधित मशीनों की तकनीकी जांच में जुटी है। पूरी प्रक्रिया सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में कराई जा रही है, जिससे जांच के प्रत्येक चरण पर नजर रखी जा सके। संवाद
मशीनों की तकनीकी और यांत्रिक जांच
एफएलसी के दौरान ईवीएम, बैलेट यूनिट (बीयू) समेत अन्य तकनीकी उपकरणों की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जांच की जा रही है। मशीनों की यांत्रिक और तकनीकी स्थिति परखी जा रही है। इसके साथ ही मशीनों के रखरखाव और कार्यप्रणाली से जुड़े बिंदुओं की भी जांच की जा रही है। निर्वाचन विभाग का उद्देश्य चुनाव के दौरान किसी तरह की तकनीकी दिक्कत सामने न आए और मतदान प्रक्रिया सुचारु रूप से संपन्न हो।
दिल्ली और बिहार के अधिकारियों ने देखी प्रक्रिया
एफएलसी की निगरानी और प्रक्रिया को देखने के लिए बिहार से निर्वाचन आयोग के डिप्टी इलेक्शन ऑफिसर धीरज कुमारव दिल्ली से ईसीआई के एसएओ एवं ईवीएम के नोडल अधिकारी हेमंत कुमार पीलीभीत पहुंचे। अधिकारियों ने एफएलसी से जुड़े कार्यों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान हैदराबाद से आए एक इंजीनियर के दस्तावेजों की जांच की गई। अधिकारियों को दस्तावेजों में कुछ कमी मिली। इसके बाद संबंधित इंजीनियर को एफएलसी के कार्य से कार्यमुक्त कर दिया गया।
राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को दी जा रही जानकारी
डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया एफएलसी की प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को भी पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी जा रही है। उन्हें ईवीएम की जांच और संबंधित प्रक्रियाओं से अवगत कराया जा रहा है। किसी राजनीतिक दल के प्रतिनिधि को किसी बिंदु पर आपत्ति या शिकायत होती है तो उसे दर्ज कराने और संबंधित जानकारी प्राप्त करने का अवसर दिया जा रहा है।