ईद उल अजहा शनिवार को जिले भर में पूरे जोश-ओ-खरोश के साथ मनाई जाएगी। ईद की नमाज की तैयारियां देर शाम तक मुकम्मल कर ली गईं। कुर्बानी के लिए लोग कई दिन पहले से ही बकरों की खरीदारी में लगे रहे। ईद की अन्य तैयारियों के लिए बाजार में देर रात तक रौनक रही। ईदगाह में नमाज ठीक 9.30 बजे होगी।
बारिश के मौसम को देखते हुए ईद उल अजहा की नमाज के लिए मस्जिदों में व्यापक तैयारियां की गई हैं। ईद में नमाजियों की तादाद ज्यादा होती है, ऐसे में मस्जिदों के बाहर भी लोगों को नमाज अदा करना पड़ती है। इसके लिए तिरपाल और अतिरिक्त चटाईयों वगैरा की व्यवस्थाएं की गई हैं। इधर ईद की तैयारियों के लिए लोगों ने बाजार से कपडे, सेवईं और मेवा वगैरा की खरीदारी की। ईद-उल-अजहा की खुशी मनाने के लिए बच्चों में खासा उत्साह नजर आया।
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बारिश हुई तो जामा मस्जिद में होगी नमाज
शाही जामा मस्जिद के पेश इमाम हजरत मौलाना इजहार अहमद खां बरकाती ने बताया कि ईदगाह में ईद की नमाज ठीक 9.30 बजे अदा की जाएगी। बारिश होने की हालत में ईद की नमाज ईदगाह के बजाए शाही जामा मस्जिद में होगी।
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यह है कुर्बानी का असल मकसद
इस्लामी साल के आखिरी माह ईद उल अजहा में अल्लाह के प्यारे नबी हजरत इब्राहीम अलैहिस्सलाम की सुन्नत को पूरा करने के लिए कुर्बानी की जाती है। मौलाना अब्दुल करीम नूरी ने बताया कि अल्लाह तआला ने हजरत इब्राहीम अलैहिस्सलाम को अपनी राह में सबसे पसंदीदा चीज कुर्बान करने का हुक्म दिया। अल्लाह के हुक्म को पूरा करने के लिए वह अपने बेटे हजरत इस्माईल अलैहिस्सलाम को अल्लाह की राह में कुर्बान करने के लिए ले गए। बेटे के कुर्बान होने से पहले अल्लाह ने अपनी रहमत से एक दुम्बा उनकी छुरी के नीचे भेज दिया। उन्होंने बताया कि यह उनका इम्तिहान था। उन्होंने बताया कि हर साहिबे निसाब पर कुर्बानी वाजिब है। उन्होंने बताया कि कुर्बानी के जानवर का खून जमीन पर गिरने से पहले अल्लाह की बारगाह में कुबूल हो जाता है। इसलिए साहिबे निसाब लोगों को कुर्बानी की तमाम शरायत पूरी करते हुए कुर्बानी करना चाहिए।
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ईद की नमाज का वक्त एक नजर में
ईदगाह 9.30
मस्जिद मनिहारान 7.00 बजे
मस्जिद बुजकसाबान 7.00 बजे
मस्जिद कल्लन खां 7.00 बजे
मस्जिद हिदायत रसूल 7.00 बजे
मस्जिद खालिद बिन वलीद 7.15 बजे
मस्जिद सलमानियान 7.30 बजे
मस्जिद कुरैशियान 7.00 बजे
मस्जिद मौला बख्श 7.30 बजे
मस्जिद अशरफी 7.30 बजे
मस्जिद हुसैनी 7.45 बजे
मस्जिद हैदरी 8.00 बजे
मस्जिद अब्दुल वहाब खां 8.00 बजे
मस्जिद मोटा पाकर 8.00 बजे
मस्जिद अल्लाहू मियां 8.30 बजे
मस्जिद मदीना शाह 9.00 बजे
मस्जिद षाहजी मियां 9.00 बजे
मस्जिद मलाहद खां 9.30 बजे
मस्जिद सूरती 9.30 बजे
शांतिपूर्ण ढंग से मनाए ईद उल अजहा
जिले भर में हुई पीस कमेटी की बैठक
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। ईद-उल-अजहा (बकरीद) का त्यौहार पर शांतिपूर्ण व्यवस्था कायम रखने के उद्देश्य से जिले भर शांति समिति की बैठकें हुईं। अधिकारियों ने सभी से आपसी सौहार्द कायम रखते हुए त्यौहार मनाने की अपील की।
डीएम शीतल वर्मा ने अपने कार्यालय में चंद लोगों के साथ बैठक कर अमनो अमन कायम रखने की अपील की। उन्होंने सभी से परंपरागत ढंग से त्यौहार मनाने, किसी तरह की नई परंपरा न डालने की अपील की। मौलाना जरताब रजा खां ने सफाई कर्मियों के पशुओं को बंद रखने की मांग की। इस पर सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि पालिका के माध्यम से सभी को पहले ही सूचित करा दिया गया है। प्रतिवर्ष की तरह कोई भी अवंछित पशु सड़कों पर नहीं निकलेंगे। एडीएम बृजकिशोर ने बताया कि खुले में और प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी न की जाए। उन्होंने बताया कि पशुओं के अवशेष उठाने के लिए नगरपालिका की ओर से ट्रालियों की व्यवस्था की गई है। कुर्बानी के बाद अवशेषों को ट्राली में ही डलवाएं।
बीसलपुर। कोतवाली में हुई बैठक में एसडीएम जेपी चौहान ने कहा कि सभी मिलजुल कर त्यौहार मनाएं। सीओ प्रवीन मलिक ने कहा कि ईद-उल-अजहा पर्व पर सभी स्थानों पर पर्याप्त फोर्स तैनात रहेगा। बैठक में कोतवाल मनोज त्यागी, कस्बा इंचार्ज एके पांडेय, चुर्रासकतपुर चौकी इंचार्ज उदयवीर सिंह, महबूब मंसूरी, तारिक, लुकमान, हाफिज इरफान, हरपाल, तालिब मियां, मौलाना अखलाख अहमद समेत शांति समिति के अधिकांश सदस्य मौजूद थे।
ईद-उल-अजहा पर किया फ्लैग मार्च
जोगराजपुर। ईद-उल-अजहा को लेकर एसओ रूम सिंह बघेल ने टीम के साथ गांव रायपुर, गोरा, केसरपुरकलां, धनेगा, बासुपुर, खांडेपुर, नजीरगंज आदि गांव में फ्लैग मार्च किया।