पीलीभीत। यदि सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो ऑपरेशन कायाकल्प में ललौरीखेड़ा ब्लॉक इस माह के अंत में जिले का दूसरा संतृप्त ब्लॉक होगा। ब्लॉक क्षेत्र के सभी 186 परिषदीय विद्यालयों में 2340 पैरामीटर पर काम होना था। इसमें 2374 पैरामीटर पूरे हो चुके हैं, जबकि 44 पैरामीटर पर काम चल रहा है। विभाग का दावा है कि इस माह के अंत तक ललौरीखेड़ा ब्लॉक भी कायाकल्प से सौ फीसदी संतृप्त हो जाएगा।
प्रदेश सरकार ने बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित परिषदीय स्कूलों की बेहतरी के लिए अक्तूबर 2019 में ऑपरेशन कायाकल्प योजना संचालित की गई। इस योजना को धरातल पर लाने में डीएम पुलकित खरे और बीएसए चंद्रकेश सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पिछले साल दो अक्तूबर को डीएम पुलकित खरे ने ऑपरेशन कायाकल्प को अपनी प्राथमिकता में शामिल करते हुए परिषदीय विद्यालयों को आकर्षक बनाने के साथ मूलभूत सुविधाएं प्रदान करने का जो बीड़ा उठाया था, उसमें काफी हद तक कामयाबी मिलती दिखाई दे रही है। कई स्कूल तो अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस निजी स्कूलों को टक्कर देते नजर आ रहे है। जनपद में ऑपरेशन कायाकल्प में तेजी गत वर्ष दो अक्तूबर से आई। डीएम पुलकित खरे ने 362 स्कूलों में एक साथ टायलीकरण का काम शुरू कराया। इसके साथ ही सभी 1503 परिषदीय विद्यालयों में ऑपरेशन कायाकल्प क्रियान्वयन की रणनीति बनाई गई। जनपद के सभी सात ब्लॉकों के परिषदीय स्कूलों में चल रहे कार्यों की सघन मॉनीटरिंग की गई। इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिले। आज स्थिति यह है कि अधिकांश विद्यालय 13 पैरामीटर संतृप्त हो चुके हैं। जनवरी में शासन द्वारा जारी की गई प्रगति रिपोर्ट में जनपद का प्रदेश में दूसरा स्थान था। इसके बाद डीएम ने एक-एक विकास खंड का लक्ष्य तय किया था। गत माह मरौरी ब्लॉक जिले का पहला संतृप्त कार्य पूरा हो चुका है। इसके बाद ललौरीखेड़ा ब्लॉक को 13 पैरामीटर से संतृप्त करने का काम तेजी शुरू किया गया है।
186 विद्यालयों में मात्र 44 पैरामीटर अधूरे
ललौरीखंडा ब्लॉक में ग्रामीण क्षेत्र में 180 परिषदीय विद्यालय, जबकि नगरीय क्षेत्र में छह विद्यालय हैं। जिला समन्वयक निर्माण पंकज शाक्य के मुताबिक सभी 186 विद्यालयों को 2418 पैरामीटर से संतृप्त किया जाना है। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्र में 180 विद्यालयों में 2321 पैरामीटर पूरे हो चुके हैं। इसमें 19 पैरामीटर पर काम चल रहा है। जबकि नगरीय क्षेत्र के छह परिषदीय विद्यालयों में 53 पैरामीटर का काम पूरा हो चुका है। इनमें 25 काम अधूरे हैं। इन सभी पर तेजी से काम चल रहा है।
जिलाधिकारी के दिशा निर्देशन में अन्य विभागों के समन्वय से ललौरीखेड़ा के परिषदीय विद्यालयों को ऑपरेशन कायाकल्प के तहत 13 पैरामीटर से संतृप्त किया जा रहा है। अधिकांश कार्य पूरे भी हो चुके हैं। ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों में 19 और नगरीय क्षेत्र के विद्यालयों में 25 पैरामीटर अधूरे हैं। इन पर तेजी से काम चल रहा है। उम्मीद है कि इस माह के अंत तक ललौरीखेड़ा जनपद को दूसरा संतृप्त ब्लॉक बन सकेगा।
- चंद्रकेश सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी