पीलीभीत। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष व उनके साथी नेताओं को वित्त एवं लेखाधिकारी का घेराव करना महंगा पड़ गया। लेखाधिकारी ने शिक्षक नेताओं समेत 45 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है, जिसमें नौ आरोपी नामजद हैं। उन पर लेखाधिकारी कपेर बंधक बनाने, अभद्र व्यवहार करने और सरकारी काम में बाधा डालने का आरोप है।
दिसंबर 2020 में 69000 शिक्षकों की नियुक्त हुई थी, जिनमें 250 शिक्षकों को ज्वाइनिंग के बाद से वेतन नहीं मिल सका। इसको लेकर बुधवार को अपराह्न करीब तीन बजे प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष दयाशंकर के नेतृत्व में विभिन्न ब्लाकों से आए शिक्षक बीएसए कार्यालय परिसर में जमा हुए। इसके बाद शिक्षक नेताओं की अगुवाई में सभी वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय में पहुंचे वेतन दिए जाने की मांग को लेकर हंगामा किया। इसकी सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची थी। वेतन दिए जाने का आश्वासन देने पर शिक्षक शांत हुए थे।
इस मामले में लेखाधिकारी अंजू सिंह की ओर से पुलिस को तहरीर दी गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कोरोना प्रोटोकॉल का उल्लंघन करते हुए भीड़ उनके कार्यालय में घुस गई। उन्हें बंधक बनाकर सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई गई। जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए अभद्रता की गई। जान से मारने की धमकी भी दी। शिक्षक नेताओं को वेतन निर्गत करने की प्रक्रिया चलने का हवाला भी दिया गया, लेकिन वह शांत नहीं हुए।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष दयाशंकर, महामंत्री उमेशचंद्र, शिक्षक नेता प्रफुल्ल दीक्षित, संतोष गंगवार, सतेंद्र गंगवार, जितेंद्र कुमार, रामऔतार, मियां मोहम्मद मनाजिर को नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज कर ली। रिपोर्ट में छह दर्जन शिक्षकों के नाम अज्ञात हैं। सीओ वीरेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि लेखाधिकारी से मिली तहरीर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। इस प्रकरण में साक्ष्य संकलन निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।
एक शिक्षक नेता से जानकारी मिलने पर लेखाधिकारी कार्यालय गया था। वहां अचानक पीछे से भीड़ आ गई थी। इन्हीं में कुछ शिक्षकों ने लेखाधिकारी की वीडियो बनाना शुरू कर दी। शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहा था। अभिलेख फाड़ने और अभद्रता का आरोप गलत है। - दयाशंकर, जिलाध्यक्ष प्राथमिक शिक्षक संघ
वेतन रिकवरी से गुस्साएं शिक्षक नेता के इशारे पर हुआ हंगामा
शिक्षक दयाशंकर ने वर्ष 2017 में गलत तरीके से वेतन निर्धारण करा लिया था। इस मामले में शिकायत के बाद हुई जांच में मामला गलत तरीके से वेतन निर्धारण का पाया गया। इसके बाद गलत तरीके से कराए गए वेतन निर्धारण को निरस्त कर शिक्षक दयाशंकर से रिकवरी के आदेश किए गए थे। इस मामले में रिकवरी की कार्रवाई चल रही है। इसी वजह शिक्षक नेता ने कार्यालय में घुसकर हंगामा और अभद्रता की गई।
- अंजू सिंह, वित्त एवं लेखाधिकारी