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यूपी बोर्ड: जल्दी परिणाम घोषित हो, ताकि अच्छे कॉलेज में दाखिल मिल सके

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पीलीभीत। यूपी बोर्ड का परीक्षा परिणाम तैयार करने के लिए 10 वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के मूल्यांकन का फॉर्मूला जारी कर दिया गया। एक दिन पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस ड्राफ्ट को अपनी मंजूरी दे दी। इस फॉर्मूले के अनुसार दसवीं का रिजल्ट कक्षा नौ और दसवीं के प्री-बोर्ड के परिणाम के मार्क्स से तैयार होगा। जबकि 12वीं का रिजल्ट 10वीं और 11वीं की वार्षिक परीक्षा के परिणाम और 12वीं के प्री-बोर्ड को मिलाकर तैयार किया जाएगा।
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माध्यमिक शिक्षा परिषद की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा को लेकर पहले 24 अप्रैल से परीक्षा कराने का कार्यक्रम जारी किया गया था। मगर पंचायत चुनाव के कारण परीक्षा टालनी पड़ी। इसके बाद आठ मई से बोर्ड परीक्षाएं प्रस्तावित की गई। मगर कोरोना संक्रमण के कारण दोबारा परीक्षाओं को टालना पड़ा। कोरोना संक्रमण की स्थिति को देखते अंत में 10वीं और 12वीं की परीक्षा निरस्त करनी पड़ी। इसके बाद सरकार ने बोर्ड परीक्षाओं के परीक्षार्थियों को प्रोन्नत करने का निर्णय लिया। 10वीं और 12वीं के नतीजे तैयार करने को मूल्यांकन मानदंड को लेकर मसौदा किया। एक दिन पूर्व तैयार ड्राफ्ट को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने प्रस्तुत किया गया। जिसे मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद सार्वजनिक कर दिया गया है। इसमें कहा गया कि जो छात्र रिजल्ट तैयार करने के फॉर्मूले से संतुष्ट नहीं होंगे वह परीक्षा दे सकेंगे।
44336 परीक्षार्थियों का ऐसे तैयार होगा परीक्षाफल
इस योजना के तहत 12वीं का परीक्षाफल तैयार करने के लिए 10वीं में प्राप्तांक के 50 प्रतिशत, कक्षा 11 के वार्षिक परीक्षा के 50 प्रतिशत और 12वीं में हुई प्री-बोर्ड परीक्षा के प्राप्तांकों के आधार पर 10 प्रतिशत अंक जोड़े जाएंगे। जनपद में 12वीं के 20429 परीक्षार्थी है। वहीं हाईस्कूल यानी 10वीं के परीक्षाफल कक्षा नौ के प्राप्तांकों से 50 प्रतिशत तथा 10वीं के प्री-बोर्ड के प्राप्तांकों से 50 प्रतिशत अंक जोड़कर निर्धारित किया जाएगा। जनपद में 10वीं के 23907 परीक्षार्थी हैं।
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मैं इस फॉर्मूले से सहमत नहीं हूं। नौवीं कक्षा में उस हिसाब से तैयारी नहीं करते, जितनी दसवीं में आकर करते हैं। इससे तो मेरे टोटल मार्क्स कम मिलने की संभावना है। संदीप श्रीवास्तव, 10वीं , चिरौंजीलाल वीरेंद्रपाल सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज
परीक्षा की तैयारी को जमकर मेहनत की थी। मगर परीक्षा पहले टलती गई। इससे तैयारी भी रूक गई। अब तैयारी को समय भी काफी हो गया। अब सरकार के फॉर्मूला पर ही पूरी तरह सहमत है। परीक्षा देने का विचार नहीं है। - सिद्धांत सिंह, 10वीं सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज पूरनपुर
सरकार ने शिक्षाविदों के सहयोग से जो निर्णय लिया, वह छात्रहित में ही लिया गया होगा, मगर मेधावियों के लिए यह फॉर्मूला उचित नहीं है। इसमें बदलाव करने की जरूरत है। - प्रीरम गंगवार, 10वीं, बल्लभभाई पटेल इंटर कॉलेज अमरा करोड़
अब परीक्षाफल जारी करने को लेकर देरी नहीं की जानी चाहिए, क्योंकि आगे हमें उच्च शिक्षा के लिए एडमिशन भी लेना है। यदि इसमें देरी होती है तो अगले सत्र में भी मुश्किलें होंगी। - शिवेश मिश्रा, 12वीं, चिरौंजीलाल वीरेंद्रपाल सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज
प्रतियोगी परीक्षाओं सहित अन्य परीक्षाओं में अब पिछली कक्षाओं में पास का प्रतिशत खास मायने नहीं रखता। कोरोना महामारी को लेकर सरकार के इस निर्णय से मैं सहमत हूं। - अरुण कुमार कुशवाहा, 12वीं, सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज पूरनपुर
अब सरकार को जल्द से जल्द परीक्षाफल घोषित करवाने के लिए प्रयास करना चाहिए। हमें आगे किस यूनिवर्सिटी में दाखिला लेना होगा, इसको लेकर भी खासी मशक्कत करनी होगी। - कुमकुम गंगवार, 12वीं, सरदार बल्लभभाई पटेल इंटर कॉलेज अमरा करोड़
वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए काफी सोच समझकर यह फैसला लिया है, जोकि बेहतर है। हालांकि मेधावी परीक्षार्थियों को इससे कुछ दिक्कतें हैं। हालांकि परीक्षा देने का भी विकल्प खुला है, मगर जो हौसला बोर्ड परीक्षा को लेकर होता है, वह विकल्प के रूप में दी गई परीक्षा के दौरान नहीं हो सकता। - चंद्रभान शर्मा, प्रधानाचार्य, चिरौंजीलाल वीरेंद्रपाल सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज
बोर्ड की परीक्षा को लेकर विद्यार्थी अन्य परीक्षाओं की अपेक्षा अधिक मेहनत से पढ़ाई करते है। कोरोना महामारी के चलते परीक्षाएं न करा पाने पर सरकार ने जो फॉर्मूला लागू किया है वह ठीक है। इसके अलावा परीक्षा देने का भी विकल्प दिया है। अगर जो बच्चे फॉर्मूला से संतुष्ट नहीं हैं वह परीक्षा दे सकते है। सरकार का निर्णय सराहनीय है। - राजकुमार शर्मा, प्रधानाचार्य एपी इंटर कॉलेज।
प्रदेश सरकार द्वारा दसवीं और 12वीं के परीक्षा परिणाम को लेकर जो फॉर्मूला तैयार किया है वह विद्यार्थियों के हित में है। वर्तमान परिस्थितियों और छात्रों की भलाई को देखते हुए शासन ने सही समय पर निर्णय लिया गया है। परिणाम जल्द घोषित होंगे, तो इसका असर दूसरे सत्र पर नहीं पड़ेगा। - हरीश गंगवार, प्रधानाचार्य, सरदार बल्लभभाई पटेल इंटर कॉलेज अमरा करोड़
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