पीलीभीत। सरकार परिषदीय स्कूलों में मिड-डे मील, निशुल्क पाठ्य पुस्तकें और निशुल्क यूनिफार्म का वितरण इसलिए कर रही है ताकि शत प्रतिशत बच्चे स्कूलों की दहलीज तक पहुंच सके, लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते ये योजना सफल नहीं हो पा रही हैं। यूनिफॉर्म वितरण को लें तो ठंड का मौसम दस्तक देने वाला है, लेकिन आधे बच्चों को ही यूनिफॉर्म मिल सकी है। इनमें भी ज्यादातर बच्चों को एक जोड़ी ही यूनिफॉर्म दी गई है। अब परिषदीय स्कूलों में 30 अक्तूबर तक हर हाल में स्वेटर बंटवाने का फरमान जारी कर दिया गया है। जबकि जिले में पचास प्रतिशत भी बच्चों को यूनिफॉर्म वितरित नहीं किया जा सका है। बीएसए की माने तो तय मानक का कपड़ा नहीं मिलने के कारण शतप्रतिशत यूनिफॉर्म का वितरण नहीं हो सका।
जिले में 1802 परिषदीय विद्यालय हैं। इसमें 1,98,126 बच्चे अध्ययरत है। निशुल्क यूनिफार्म वितरण को देखे तो बेसिक स्कूलों में बच्चों को निशुल्क यूनिफॉर्म देने के लिए शासन ने शिक्षा सत्र की शुरूआत में ही फरमान जारी कर दिए थे। शासन ने बच्चों के लिए दो जोड़ी यूनिफॉर्म प्रति बच्चा देने को 600 रुपये देने की बात कही है। शासन स्तर से जिले में 5,58,61,749 रुपये का बजट उपलब्ध कराया गया है। विभाग ने गत माह ही समस्त विद्यालयों के स्कूल प्रबंध समिति के खातों में 337 रुपये प्रति बच्चों के हिसाब से धनराशि ट्रांसफर की है। इस बार यूनिफार्म के मानकों में फेर बदल कर दिया था। निर्देश दिए गए थे कि एक लाख से अधिक की खरीद पर टेंडर और धनराशि कम होने पर विद्यालयों में टेलर बुलाकर बच्चों का नाप लेकर यूनिफॉर्म सिलवाई जाएगी। वहीं खरीदे जाने वाले कपड़े का मानक 67 फीसदी सूती और 33 फीसदी पालिस्टर मिश्रित होना चाहिए।
बच्चों को मिल सकी आधी अधूरी यूनिफॅार्म
करोड़ों रुपये की इस योजना के आते ही माफिया ने शिकंजा कस दिया। सौदा तय होते ही स्कूलों में ठेके पर यूनिफॉर्म भिजवा दी गई, लेकिन इस बार कपड़े के तय मानक ने माफिया के भी हौसले पस्त कर दिया। यही वजह है कि जिले में करीब पचास प्रतिशत बच्चों को अब तक यूनिफॉर्म का वितरण नहीं हो सका है। जहां यूनिफॉर्म का वितरण हुआ भी है वहा आधी अधूरी की यूनिफॉर्म दी गई है। विभाग के मुताबिक सबसे कम बरखेड़ा में अभी तक मात्र 65 प्रतिशत और पूरनपुर में 70 प्रतिशत ही यूनिफॉर्म का वितरण हो सका है।
तय मानक का कपड़ा न मिलने की वजह से कहीं-कहीं यूनिफॉर्म वितरण में देरी हुई है। सभी को 30 सितंबर तक यूनिफॉर्म वितरण कराने के निर्देश दिए हैं। लापरवाही पर कार्रवाई होगी। - देवेंद्र स्वरूप, बीएसए