पीलीभीत। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की दसवीं और बारहवीं की परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों को प्रवेश पत्र पर अभिभावकों के हस्ताक्षर भी कराने होंगे। किसी भी तरह के लिए त्रुटि के लिए अब बोर्ड जिम्मेदार नहीं होगा। सीबीएसई का यह नया नियम वर्ष 2020 में होने वाली परीक्षा से लागू होगा।
सीबीएसई बोर्ड के मुताबिक ऐसा करना इसलिए जरूरी था क्योंकि प्रवेश पत्र में हुई त्रुटि से विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को आगे चलकर परेशानी होती है। इसको देखते हुए सीबीएसई ने सभी स्कूलों के तीन बार रजिस्ट्रेशन फार्म की जांच करने का भी निर्देश दिया है। वहीं कक्षा नौ और 11 में पढ़ रहे विद्यार्थियों के रजिस्ट्रेशन के साथ दसवीं और बारहवीं का भी एलओसी (लिस्ट आफ कैंडिडेटस) भरवाया जाएगा। इसमें रजिस्ट्रेशन तो स्कूल द्वारा किया जा रहा है, लेकिन विद्यार्थियों से उसकी जांच कराई जा रही है। विद्यार्थियों को प्रवेशपत्र जांचने के बाद उनके अभिभावकों के हस्ताक्षर के बाद प्रवेश पत्र फिर से स्कूल में जमा कराना होगा। सीबीएसई के इस बदलाव से साफ हो गया कि इस प्रक्रिया के बाद किसी तरह की त्रुटि बाद में सही नहीं कराई जाएगी। इस संबंध में बेनहर पब्लिक स्कूल के प्रशासक डॉ. परविंदर सिंह सैहमी ने बताया कि सीबीएसई ने प्रक्रिया में बदलाव किया है। दसवीं और बारहवीं के विद्यार्थियों के लिए प्रवेश पत्र पर अभिभावक के हस्ताक्षर कराना अनिवार्य है।