पीलीभीत। यूपी बोर्ड ने वर्ष 2026 की हाईस्कूल परीक्षाओं को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। इस बार बोर्ड ने हाईस्कूल की प्रयोगात्मक परीक्षाओं में बड़ा बदलाव किया है। इंटरमीडिएट की तरह बाहरी परीक्षकों की व्यवस्था न करते हुए हाईस्कूल की प्रयोगात्मक परीक्षा आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर कराई जाएगी। जिले के 23,241 हाईस्कूल छात्र-छात्राएं इस प्रक्रिया में शामिल होंगे।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार हाईस्कूल के विद्यार्थियों की प्रयोगात्मक परीक्षा उनके ही विद्यालयों में कराई जाएगी। इंटरमीडिएट परीक्षाओं में जहां बाहरी परीक्षकों की निगरानी रहती है। वहीं हाईस्कूल स्तर पर छात्रों का मूल्यांकन विषय अध्यापकों की ओर से आंतरिक रूप से किया जाएगा। मूल्यांकन का आधार पूरे शैक्षिक सत्र में किए गए प्रोजेक्ट कार्य, छात्र की उपस्थिति, प्रयोगशाला में की गई प्रयोगात्मक गतिविधियां और प्रयोगात्मक कक्षाओं में प्रदर्शन होगा।
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि मूल्यांकन में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए विद्यालयों को तय मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा। इस निर्णय से छात्रों को बाहरी परीक्षकों के दबाव से राहत मिलेगी। साथ ही विद्यालय प्रशासन की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है। प्रयोगात्मक परीक्षा संपन्न होने के बाद प्रधानाचार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर परिषद की आधिकारिक वेबसाइट पर अंकों को ऑनलाइन अपलोड करना होगा। बोर्ड स्तर से इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी की जाएगी ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता या भेदभाव की संभावना न रहे।