पीलीभीत। डीएम वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में पीलीभीत वन्य जीव बिहार के ईको-सेंसिटिव जोन का निर्धारण के लिए समीक्षा बैठक हुई। डीएम ने इसमें कहा कि ईको-सेंसटिव जोन में वह समस्त कार्य प्रतिबंधित किए जाएंगेे, जिनसे वन्य जीवों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।
गांधी सभागार में सोमवार को हुई बैठक में तय हुआ कि पीलीभीत टाइगर रिजर्व की वन सीमा से बाहर एक किलोमीटर की परिधि में ईको-सेंसिटिव जोन अधिसूचित करने का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। जोन में वाणिज्य खनन, वृक्षों की कटाई, आरा मिलों की स्थापना, प्रदूषण के कारण उद्योगों की स्थापना, होटल रेस्टोरेंट की स्थापना, जैविक खेती, सड़कों का चौड़ीकरण समेत कुल 27 चीजों पर प्रतिबंध लगाया जाएगा।
डीएम ने वन्यजीव विहार को हानिकारक रसायनिक पदार्थों से बचाव के लिए 500 मीटर क्षेत्र में आने वाली कृषि भूमि पर किसानों से ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने के दिशा निर्देश दिए। बैठक में टाइगर रिजर्व के डीडी नवीन खंडेलवाल, सीडीओ श्रीनिवास मिश्र, एडीएम न्यायिक देवेंद्र प्रताप मिश्र, जिला गन्ना अधिकारी जितेंद्र मिश्र, एआरटीओ अमिताभ राय, समेत सिंचाई, विद्युत विभाग और सभी एसडीएम मौजूद रहे।