फूड प्वाइजनिंग से गांव सुआबोझ निवासी 39 वर्षीय राजेंद्र और उसकी 16 वर्षीय पुत्री कुसुमलता की हालत बिगड़ गई। उल्टी और बेहोशी होने पर दोनों को सीएचसी में भर्ती कराया गया।
राजेंद्र ने बताया कि बृहस्पतिवार को पत्नी रामदेई, पुत्री कुसुमलता, छोटी पुत्री सत्यवती को साथ लेकर सिरसा जंगल किनारे अपने धान के खेत में नराई करने गया था। समीप स्थित जंगल के किनारे धरती के फूल दिखाई देने पर उसने और उसकी पुत्री कुसुम ने सब्जी बनवाने को कुछ धरती के फूल तोड़ लिए। राजेंद्र ने बताया कि कुछ फूल उसने और उसकी पुत्री ने कच्चे खा लिया। शेष सब्जी बनवाने को घर ले आए। घर में दाल-रोटी खाई। खाना खाने के बाद दोनों की हालत खराब हो गई। पिता-पुत्री को उल्टियां होने के साथ बेहोशी आने लगी। राजेंद्र ने बताया कि खाना खाने के कुछ देर बाद उन दोनों को उल्टियां होने लगीं। इसके बाद उसे होश नहीं रहा। इस पर परिवार वाले दोनों को सीएचसी लाकर भर्ती करा दिया। सीएचसी के डॉ. कमरउजमा ने बताया कि पिता-पुत्री की हालत फूड प्वाइजनिंग से बिगड़ी है। इलाज के बाद दोनों की हालत में सुधार हुआ है।