योजना को मुंह चिढ़ा रहे स्टेडियम में खड़े ई-रिक्शा
रिक्शा चालकों को शारीरिक श्रम से बचाने के लिए सपा सरकार में ई-रिक्शों का वितरण कराया गया था लेकिन इनमें कुछ लाभार्थियों के अभिलेख पूरे न होने के कारण 10 ई-रिक्शों का वितरण नहीं हो पाया था। गांधी स्टेडियम में आज भी यह ई-रिक्शा खड़े हैं। सपा सरकार ने साइकिल वितरण के साथ ई-रिक्शों का वितरण किया था। तत्कालीन नगर विकास मंत्री आजम खां ने पीलीभीत पहुंचकर गांधी स्टेडियम में हुए समारोह में करीब 350 रिक्शों का वितरण किया था। आनन फानन हुए वितरण के समय लाभार्थियों की सूची बना ली गई लेकिन कई लाभार्थियों के अभिलेख पूर्ण कराने की औपचारिकता अब तक पूरी नहीं हो सकी है। उस समय सत्ता के दबाव में विभागीय अधिकारियों ने कुछ ऐसे लोगों के नाम भी लाभार्थियों की सूची में शामिल कर लिए जो बाद में अपात्र हो गए। इसके चलते करीब 10 ई-रिक्शों का वितरण आज तक नहीं हो पाया है। बताते हैं ई-रिक्शा के लिए परिवहन विभाग से प्रशिक्षण के साथ ड्राइविंग लाइसेंस भी बनवाया जाना था, लेकिन किसी की आयु अधिक होने, किसी के कंप्यूटर परीक्षा में उत्तीर्ण न होने आदि के चलते लाइसेंस नहीं बन पाये। इसके चलते 10 आवेदनों के अभिलेख अब तक पूरे नहीं हो सके हैं। डूडा के परियोजना अधिकारी आरके वर्मा ने बताया कि अभिलेख पूरा कराने की कार्रवाई चल रही है। जल्द ही ई-रिक्शों का वितरण कराया जाएगा।
ई-रिक्शों पर जमने लगी घास
गांधी स्टेडियम में यह ई-रिक्शे करीब पांच माह से खड़े हैं। प्रारंभ में इनकी सुरक्षा के लिए चार होमगार्ड क्रमश: दो दिन में और दो रात में ड्यूटी करते थे लेकिन अब पहली अप्रैल से होमगार्डों को भी हटा लिया गया। कई माह से एक स्थान पर खड़े होने से ई-रिक्शों पर चारों ओर घास जमने लगी है।