राशन कार्ड सत्यापन के लिए डीएम के निर्देश पर पूर्ति विभाग ने विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई थी। मगर समय रहते सामग्री और ड्यूटी स्लिप तक उपलब्ध नहीं कराई गई। इसके बाद भी निर्धारित समय से तीन दिन पहले ही 98 अधिकारी व कर्मचारियों की लापरवाही बताकर वेतन रोकने के आदेश कर दिए गए। प्रशासन की इस कार्रवाई से संबंधित अधिकारी परेशान हैं।
शासन के निर्देश पर इन दिनों खाद्य सुरक्षा अधिनियम के पात्रों की जांच एवं राशन कार्ड दुरुस्त करने को डोर टू डोर अभियान चल रहा है। अभियान में लगी टीम एवं इसके कार्यों के सत्यापन के लिए अधिकारियों को लगाया गया था। कार्यक्रमानुसार छह मई से छह जून तक सत्यापन कार्य होना था। इसके आदेश पूर्ति विभाग के माध्यम से संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध कराए जाने थे। मगर पूर्ति विभाग की लापरवाही के चलते यह आदेश एवं इससे संबंधित अभिलेख 22 मई तक पूर्ति विभाग में ही रखे रहे। इसके बाद ब्लाक पहुंचकर रुक गए। सूत्रों की मानें तो दो जून तक कई अधिकारियों को ड्यूटी स्लिप और सामग्री उपलब्ध नहीं हो सकी। इस बीच समीक्षा होने पर जिला पूर्ति अधिकारी ने डीएम को 98 अधिकारियों द्वारा सत्यापन कार्य न करने की सूचना दे दी। इस पर डीएम ने सभी का वेतन रोकने के आदेश जारी कर दिया। खास बात यह कि जिन अधिकारियों को आदेश ही नहीं मिले उनका लापरवाही मानते हुए वेतन रोक दिया गया। जबकि सत्यापन कार्य करने को तीन दिन शेष थे। सूत्रों की मानें तो पूर्ति विभाग ने अपनी लापरवाही छिपाकर कार्रवाई से बचने के लिए डीएम को गलत सूचना दे दी। फिलहाल वेतन रोकने के आदेश से संबंधित अधिकारी परेशान हैं।
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कार्यालय से सभी की ड्यूटी स्लिप एवं सामग्री भिजवा दी गई थी। संबंधित अधिकारियों केे कार्यालयों से मिलने में देरी हुई होगी। - ध्रुवराज यादव, डीएसओ