यूपी बोर्ड परीक्षाएं 19 फरवरी से शुरू होने जा रही हैं। माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा कक्ष निरीक्षकों के रूप में शिक्षकों की ड्यूटी लगाए जाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। बोर्ड परीक्षा के दौरान हर साल ही परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जाती है। इससे अधिकतर परिषदीय विद्यालयों में शिक्षण कार्य बाधित रहता है। शासन ने परिषदीय विद्यालयों में 14 मार्च से शुरू हो रही वार्षिक परीक्षा को दृष्टिगत रखते हुए परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों की ड्यूटी अनिवार्य रूप ने नहीं लगाने के निर्देश दिए हैं। इसको लेकर प्रमुख सचिव आलोक रंजन ने आदेश जारी किए हैं।
जारी आदेश में कहा कि यदि बोर्ड परीक्षा में बेसिक शिक्षकों की जरूरत पड़ती है तो डीआईओएस को पहले यह प्रमाणपत्र देना होगा कि परीक्षा में राजकीय, एडेड व वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जा चुकी है। इसके अलावा इन शिक्षकों की ड्यूटी पूरे परीक्षाकाल में न लगाकर मात्र अनिवार्य विषयों की तिथियों में ही लगाई जाएगी। डीआईओएस जेके वर्मा ने बताया कि शासनादेश के मुताबिक ही शिक्षकों की कक्ष निरीक्षक के रूप में ड्यूटी लगाई जा रही है।