राजस्व परिषद अध्यक्ष अनिल कुमार गुप्ता ने सदर तहसील का निरीक्षण कर दुर्घटना में मारे गए किसानों के आश्रितों को कृषक दुर्घटना बीमा से मिलने वाली पांच-पांच लाख रुपये की धनराशि का प्रमाणपत्र सौंपा। इस मौके पर उन्होंने 11 फरवरी से लागू हो रही राजस्व संहिता की जानकारी भी दी।
दो दिवसीय दौरे पर राजस्व परिषद सोमवार देरशाम पीलीभीत पहुंचे थे। चूका में रात्रि विश्राम के बाद उन्हें मंगलवार सुबह 10 बजे सदर तहसील का निरीक्षण करना था लेकिन वह चार घंटा देरी से करीब एक बजे तहसील पहुुंचे। निरीक्षण की औपचारिकता कर उन्होंने तहसील सभागार में जिले की तहसीलों से आए कृषक दुर्घटना के आश्रितों को कृषक दुर्घटना बीमा के तहत मिलने वाली पांच लाख की धनराशि के प्रमाणपत्र भी बांटे। उन्होंने बताया कि बीमा की धनराशि सीधे मृतक आश्रितों के खातों में भेज दी गई है। इस मौके पर उन्होंने 11 फरवरी से लागू हो रही राजस्व संहिता के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इससे गरीबों एवं जनता को काफी लाभ मिलेगा। साथ ही राजस्व संबंधी विवाद निपटाने में भी काफी आसानी होगी। इस मौके पर मंडलायुक्त प्रमांशु, डीएम मासूम अली सरवर, सिटी मजिस्ट्रेट जितेंद्र कुमार शर्मा, एसडीएम सदर सुरेंद्र बहादुर यादव, तहसील इंद्राकांत द्विवेदी मौजूद रहे।
40 लाख से होगा तहसील भवन का सुंदरीकरण
पीलीभीत। राजस्व परिषद अध्यक्ष ने सदर तहसील पहुंचने पर इसके सुंदरीकरण कार्य के शिलापट का अनावरण कर शुभारंभ किया। डीएम ने बताया कि 40 लाख की लागत से सदर तहसील भवन का सुंदरीकरण कर आधुनिक सुविधाओं से युक्त किया जाएगा। तहसील भवन को कंप्यूटराइज्ड सिस्टम से लैस किया जाएगा।
अधिवक्ताओं ने सौंपा ज्ञापन
पीलीभीत। संयुक्त बार के अध्यक्ष किशनलाल और पूर्व अध्यक्ष अवधेश मिश्रा के साथ वकीलों ने राजस्व परिषद अध्यक्ष अनिल कुमार गुप्ता को ज्ञापन सौंपा। सदर तहसील से अमरिया की दूरी 25 किमी दूर है। आवागमन के साधन नहीं हैं। सदर तहसील में 105 लेखपाल क्षेत्र और 473 आबाद व गैर आबाद गांव हैं। राजस्व परिषद ने 1987 में एक आदेश पारित किया है जिसके अनुसार नई तहसील गठन 130 लेखपाल क्षेत्र होने चाहिए और 400 आबाद गांव होने चाहिए। जबकि पूरे जिले में 1379 आबाद एवं गैर आबाद गांव हैं। इस प्रकार नई तहसील के गठन में मानक पूरे नहीं हैं। प्रतिनिधि मंडल का कहना है कि राजस्व परिषद अध्यक्ष ने समुचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।