पीलीभीत। कुछ महीने पहले ग्राम पंचायतों में कूड़ेदान घोटाला सामने आया था। मगर, अब नगरपालिका में कूड़ेदान रखवाने में गड़बड़ी सामने आई है। नगरपालिका ने शहर के प्रत्येक वार्ड में 250 से ज्यादा कूड़ेदान रखवाए थे। मगर कुछ समय बाद ही गायब हो गए। इस समय शहर के किसी वार्ड में एक भी कूड़ेदान नहीं है। नगरपालिका अफसरों का कहना है कि कूड़ेदान तो लगे थे लेकिन वे चोरी हो गए।
वित्तीय वर्ष 2017-18 में नगरपालिका ने स्वच्छ भारत अभियान में शहर के 27 वार्डों में कूड़ेदान रखवाए थे। मकसद यह था कि शहर स्वच्छ रहे, कूड़ा सड़क पर न दिखे। इसके लिए शासन से 10 लाख 71 हजार रुपये का बजट भी नगरपालिका को मिला था। एक बॉक्स गीले कूड़े का और दूसरा सूखे कूड़े का था। कूड़ेदान लगाने का मकसद यह था कि लोग अपने घरों का कूड़ा उसमें डाले। गली मोहल्लों में गंदगी न फैलाएं। नगरपालिका ने कुछ वार्डों में कूड़ेदान रखवाकर फोटो खिंचवा लिए और अपने काम की खानापूरी कर दी। मोहल्ला बाग गुलशेर खां, बेनी चौधरी, डालचंद, पंजाबियान, पकड़िया, फीलखाना के स्थानीय लोगों का कहना है कि उनके वार्ड में कभी कूड़ेदान लगवाए ही नहीं गए। न ही नगरपालिका का कोई कर्मचारी कूड़ेदान रखने आया। चंद स्थानों पर कूड़ेदान लगाकर नगरपालिका ने बजट ठिकाने लगा दिया। डेढ़ साल बाद शहर में किसी भी जगह पर वह कूड़ेदान नहीं बचे। इसका नतीजा यह निकला कि स्वच्छता रैकिंग में शहर की नगरपालिका पूरे मंडल रह गई।
क्या कहते है शहरवासी
नगरपालिका ने मेरे वार्ड में कोई भी कूड़ेदान नहीं रखवाया था। इसलिए वार्ड में गंदगी का ढेर लगा रहता है। अगर कूड़ेदान होता तो सड़कों पर गंदगी नहीं फैलती। स्वच्छता सर्वेक्षण में हम इसीलिए पीछे रहे। -अंशुल गौड़, मोहल्ला तखान
नगरपालिका किसी न किसी बहाने से सिर्फ बजट खपाती है। शहर में न तो कहीं कूड़ेदान हैं। न ही समय से कूड़ा उठता है। कोरोना जैसी महामारी के समय में भी नगरपालिका लापरवाह बनी हुई है। -शैलेश वाल्मीकि, मोहल्ला बाग गुलशेर खां
कोरोना महामारी में भी नगरपालिका सफाई पर ध्यान नहीं दे रही। मेरे वार्ड में एक भी कूड़ेदान नहीं लगा है। किसी समय में लोहे का कूड़ेदान रखा गया था। बाद में उसका भी कुछ पता नहीं चला। सब ऐसे ही चल रहा है। -विष्णुु गंगवार, गैस चौराहा
स्वच्छ भारत अभियान के तहत प्रत्येक वार्ड में कूड़ेदान लगवाएं गए थे। अधिकांश स्थानों से कूड़ेदान चोरी हो गए। कुछ जगह लोगों ने तोड़ दिए। शहर की सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए गहराई से मंथन चल रहा है। -आबिद अली, सफाई निरीक्षक, नगरपालिका