बृहस्पतिवार
को रात आई आंधी के दौरान बार्डर क्षेत्र के गांव बूंदीभूड़ में आग लग गई और
देखते ही देखते इससे 20 घर जल गए। इस अग्निकांड में ग्रामीणों के घर में
रखी नकदी, जेवरात, घरेलू सामान, छप्पर सहित लाखों रुपये की संपति नष्ट हो
गई वहीं बकरी व भैंस सहित चार पशु भी झुलस गए। सुबह जानकारी मिलने पर
विधायक पीतमराम और तहसीलदार ने गांव का दौरा कर पीड़ितों को मदद का आश्वासन
दिया।
थाना क्षेत्र के गांव बूंदीभूड़ में बृहस्पतिवार की लोग घरों में
सो रहे थे। रात करीब ढाई बजे अचानक आई आंधी से गांव निवासी रामाशंकर के घर
में आग लग गई और कुछ ही देर में आग ने अन्य घरों को भी चपेट में ले लिया।
इस आग से रामाशंकर के घर में बर्तन, पांच सौ रुपये, छप्पर जल गए और बकरियां
झुलस गईं।
कैलाश, बसंत, श्यामबिहारी, नंदू, पप्पू, गनेश कुमार, सुदर्शन,
महेंद्र, राजू, रामलखन, उदयभान, रामलडैते, चंपा देवी, ब्रजेश सहित 20 लोगों
के घरों से नकदी, अनाज, जेवर, कपडे़ आदि जल गए। सुबह विधायक पीतमराम गांव
पहुंचे और पीड़ितों को संत्वना देकर मदद दिलाने का भरोसा लिया। इसके बाद
तहसीलदार दिग्विजय सिंह भी राजस्व टीम के साथ पहुंचे।
उन्होंने गांव का
सर्वे कर पीड़ितों की सूची तैयार कराई और नुकसान का आंकलन किया। तहसीलदार
ने बताया 20 घर जले हैं इससे कितना नुकसान हुआ इसका आकलन अभी किया जा रहा
है। जिन लोगों ने बैंक से धनराशि निकाली है और वह जली है तो उसकी जांच
कराकर राहत दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
पल में उजड़ गई बरसों से जमाई गृहस्थी
तराई
के बंगाली बहुल इस गांव में ज्यादातर मेहनतकश लोग रहते हैं और उनके घर
छप्पर व टिनशेड से बने हैं, लेकिन बृहस्पतिवार रात आंधी के दौरान लगी आग से
20 परिवारों में बरसों से तिल तिल कर जोड़ी की गई गृहस्थी उजड़ गई।
कुदरत ने लगाई और कुदरत ने बुझाई आग
गांव
में बृहस्पतिवार को आंधी के दौरान डिब्बी गिरने से आग लगी थी जो चंद
लम्हों में ही फैल गई। आग इतनी भयानक थी कि कोई भी इसके पास जाने की हिम्मत
नहीं जुटा पा रहा था। लोग बेबस होकर अपने घरों को जलते देख रहे थे। इस
दौरान एकाएक मूसलाधार बारिश हुई जिससे आग शांत हो गई। यदि आग कुछ देर और न
बुझती तो पूरा गांव ही इसकी चपेट में आ सकता था।
ग्रामीणों ने खिलाया दोपहर का भोजन
आग
में अपना सब कुछ गवां चुके ग्रामीणों को प्रथम मदद के रूप में गांव वालों
ने ही भोजन की व्यवस्था की। दोपहर को पीड़ितों को गांव के प्राथमिक स्कूल
में भोजन कराया गया। वहीं शाम के भोजन की व्यवस्था एसएसबी की नगरिया पोस्ट
की ओर से की गई। पोस्ट प्रभारी राजपाल सिंह ने बताया मेस में भोजन बनाकर
पीड़ितों को वितरित किया गया।
नहीं पूरी हुई अपने घर से बेटी की विदाई की हरसत
क्रासर....
गांव के ब्रजेश के घर आनी थी बारात
अमर उजाला ब्यूरो
माधोटांडा।
गांव बूंदीभूड़ में हुए इस अग्निकांड से बेटी की शादी की तैयारियां के साथ
अरमान भी झुलस गए। जिस घर में शुक्रवार को बारात आनी थी वहीं जला हुआ
सामान बिखरा पड़ा था। बाद में पीड़ित ने दूसरे गांव ले जाकर बेटी की शादी
की रस्में पूरी कीं।
बूंदीभूड़ निवासी ब्रजेश के कोई संतान नहीं थी।
उसने अपने साढ़ू की बेटी किरन को गोद लेकर लालन पालन किया था। शुक्रवार को
किरन की रमनगरा से बारात आनी थी। इसके लिए ब्रजेश ने दहेज के सामान के साथ
सभी व्यवस्थाएं की थीं। घर में खुशियों का माहौल था और रिश्तेदार भी आ गए
थे, लेकिन रात को गांव में आग लगने से घरेलू सामान के साथ दहेज का सामान व
50 हजार रुपये की नकदी भी जल गई। इस पर ब्रजेश ने वरपक्ष से बात की और उनकी
सहमति के बाद बेेटी को लेकर साढू के घर सीमावर्ती गांव उत्तराखंड के
मेलाघाट सिसैइया पहुंचा। वहां सादे समारोह में शादी की रस्में पूरी की गईं।
दहेज का सामान नष्ट होने पर लोगों की मदद से कुछ सामान की व्यवस्था कर
बेटी को विदा किया।
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कैलाश के घर सात को आनी है बारात
गांव
निवासी कैलाश भी बेटी के हाथ पीले करने की तैयारी कर रहा था। सात मई को
उसके घर बारात आनी थी लेकिन अग्निकांड से बेटी के लिए खरीदा गए दहेज का
कूलर, फ्रिज, टीवी, अलमारी, कपड़े, बर्तन और 70 हजार रुपये जलकर नष्ट हो
गए। अब कैलाश को घर गृहस्थी को पुन: आबाद करने के साथ ही बेटी की शादी की
चिंता सता रही है।
भाजपाईयों ने अग्निपीड़ितों का जाना हाल
पूरनपुर।
भाजपा नेता बाबूराम पासवान, राजू आचार्य आदि ने गांव बूंदीभूड़ में
पहुंचकर अग्निपीड़ितों का हाल लिया। भाजपा नेता बाबूराम ने बताया कि सांसद
मेनका गांधी ने तहसीलदार और अन्य अफसरों को अग्निपीड़ितों को शीघ्र सहायता
दिलवाने के निर्देश दिए हैं।
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