दि किसान सहकारी चीनी मिल की खराब गन्ना उठान व्यवस्था का खामियाजा गन्ना किसानों को भुगतना पड़ रहा है। उतार ठीक न होने के कारण वाहन दो-तीन दिन में खाली हो पा रहे हैं, साथ ही एक रुपया प्रति क्विंटल की वसूली भी किसानों से की जा रही है। इससे किसानों में नाराजगी है।
धीमी गन्ना तौल को लेकर चीनी मिल के बाहर आसाम हाइवे तक गन्ना से भरे वाहनों की लाइनें शनिवार को भी लगी रहीं। चीनी मिल में गन्ना लेकर पहुंचने वाले किसानों को गन्ना तुलाई और उतार में 12 घंटे लग रहे हैं जबकि गन्ना क्रय केंद्रों पर किसानों के वाहन खाली होने मेें दो दिन तक लग रहे हैं।
शाहगढ़। गांव के गन्ना क्रय केंद्र पर पांच दिनों से गन्ना की तौल बंद है। वजह तोले गए गन्ना का उठान नहीं हो पाना है। गन्ना क्रय केंद्र के प्रभारी राजू और ठेकेदार मंदीप ने बताया कि चीनी मिल में जाम को लेकर मिल को पहुंचने वाले वाहन जल्दी गन्ना उतार कर नहीं आ पा रहे है। किसान सुरेंद्र पाल सिंह, मातादीन, इंद्रजीत, त्रिलोचन, हरविंदर, तेजपाल, हरपाल, रामनाथ, अमरीक सिंह, गोधन लाल, अनिल, छत्रपाल, परजीत, प्यारेलाल आदि ने बताया कि पिछले पांच दिनों से वह लोग गन्ना तुलवाने को खुले आसमान के नीचे पड़े है। उनका आरोप है कि क्रय केंद्र पर गन्ना उतरवाई के नाम पर एक रुपये प्रति क्विंटल की अवैध वसूली भी हो रही है।
घुंघचाई। गांव दिलावरपुर के क्रय केंद्र कालाबोझ बी पर सुविधा शुल्क वसूली का आरोप लगाकर हंगामा किया और तौल बंद करा दी। किसानों का कहना था कि रिजेक्ट प्रजाति के गन्ना को तौलने से इनकार किया जा रहा है जबकि कालाबोझ-ए गन्ना क्रय केंद्र पर कुछ कटौती कर तौल की जा रही है। हंगामा करने वालों मेें मुकेश, सुरेश, सतीश, अमरजीत, रामविलास, गुड्डू, हरीकिशन, रामकुमार, रघुवीर, संजय आदि थे। क्रय केंद्र प्रभारी कामता प्रसाद ने बताया कि रिजेक्ट प्रजाति का गन्ना होने को लेकर नहीं तौला गया। घटतौली आदि का आरोप निराधार है।