पीएचसी गजरौला में चिकित्सक की खाली पड़ी कुर्सी। संवाद
पीलीभीत। स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों व स्टाफ की मनमर्जी पर सीएमओ कार्यालय अंकुश लगाने में विफल है। जन आरोग्य मेले में कहीं चिकित्सक अनुपस्थिति लगाकर चले जा रहे हैं तो कही एलटी ओपीडी से पहले गायब हो जा रहे हैं। कई पीएचसी पर जन आरोग्य मेले में मरीजों की जांचें तक नहीं हो पा रहीं हैं। इससे मरीजों को काफी परेशानी हुई। कार्रवाई के नाम पर जिम्मेदार सिर्फ नोटिस-नोटिस खेल रहे हैं।
रविवार को शहर के बाग गुलशेर खां में चिकित्सक शफीन हसन अंसारी ने 35 मरीजों को परामर्श दिया। यहां एलटी की तैनाती नहीं होने से कुछ मरीजों के खून की जांच नहीं हो पाईं। जोश टोला पीएचसी पर चिकित्सक ओपी मौर्य ने 40 मरीजों की ओपीडी ली, जिनमें मौसम बदलाव से वायरल बुखार के मरीज अधिक रहे। यहां फार्मासिस्ट की तैनाती नहीं होने के चलते वार्ड बॉय अमित ने मरीजों को दवाएं वितरित कीं।
पीएचसी पुराना अस्पताल में डॉ. अदनान ने 47 मरीजों की ओपीडी ली, यहां एलटी की तैनाती नहीं होने के चलते मरीजों की जांचें नहीं हो सकीं। एएनएम ने कुछ महिला मरीजों के टीकाकरण भी किया।
उपस्थिति लगाकर चली गईं चिकित्सक, प्रशिक्षु फार्मासिस्ट ने बांटीं दवाईयां
गजरौला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की चिकित्सक डॉ. निशा सिन्हा रविवार को उपस्थिति दर्ज करने के बाद चली गईं। इससे पूर्व में भी निशा सिन्हा जन आरोग्य मेले की आधी-अधूरी ड्यूटी से पहले भी नदारद हो चुकी हैं। नोटिस जारी होने के बाद इन पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। पीएचसी पर प्रशिक्षु फार्मासिस्ट विष्णु ने मरीजों की ओपीडी ली, जबकि वार्ड बॉय शैलेंद्र ने मरीजों को दवाएं बांटीं।
गजरौला के जन आरोग्य मेले से चिकित्सक के नदारद होने की जानकारी कर कार्रवाई की जाएगी। जहां कहीं भी तैनात स्टॉफ ड्यूटी छोड़कर जाता है तो मामले को गंभीरता से लेकर कार्रवाई की जाएगी। जन आरोग्य मेला विभाग की प्राथमिकता है। - डॉ. आलोक कुमार शर्मा, मुख्य चिकित्साधिकारी
पीएचसी गजरौला में चिकित्सक की खाली पड़ी कुर्सी। संवाद