मैजिक चालकों ने बीसलपुर पुलिस पर अवैध वसूली करने और दो चालकों की पिटाई कराने का आरोप लगाया है। इससे गुस्साए चालकों ने पुलिस लाइंस में अपनी मैजिक खड़ी करके पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने एसपी से मिलकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। एसपी के कार्रवाई का आश्वासन देने पर चालक शांत होकर लौट गए।
करीब दो दर्जन से अधिक चालक अपनी मैजिक लेकर पुलिस लाइन पहुंचे। चालकों ने वाहनों को ग्राउंड में खड़ा कर बीसलपुर पुलिस के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने बताया कि वह लोग पीलीभीत से बीसलपुर तक मैजिक चलाते हैं। बीसलपुर में मैजिक संचालन के लिए कोई यूनियन नहीं है। आरोप है कि पुलिस ने फर्जी तरीके से दो लोगों को वहां तैनात कर रखा है, जो पुलिस के नाम पर प्रत्येक मैजिक से 500 रुपये महीने और यूनियन के नाम पर 30 रुपये प्रतिदिन वसूली करते हैं। न देने पर चालकों के साथ मारपीट करते हैं। कोई चालक जब कोतवाली में शिकायत करने जाता है तो पुलिस उल्टे फर्जी केस में बंद करने की धमकी देती है। बीसलपुर के मोहल्ला पटेलनगर निवासी अमित मिश्रा के साथ 30 दिसंबर को दोनों आरोपियों ने पैसे देने से इंकार करने पर बारह पत्थर चौराहा पर पीटा। वह जब कोतवाली तहरीर देने गया तो पुलिस ने अभद्रता करते हुए तहरीर तो ले ली, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। पीलीभीत शहर की एकतानगर कॉलोनी निवासी बृजमोहन ने बताया कि दोनों आरोपियों ने उसके साथ भी मारपीट की। चालक अमित मिश्रा, मुन्ना पंड़ित, पंकज, संजीव, बृजमोहन से एसपी से मिले और उन्हें मामले की तहरीर दी। एसपी ने चालकों को जांच कर कार्रवाई का अश्वासन दिया, जिसके बाद चालक शांत होकर लौट गए। प्रदर्शन करने वालों में रमाकांत, मुकेश, अखिलेश, मोहसिन, मेराज बरकाती, हरेंद्र कुमार वर्मा, आदर्श सक्सेना सहित करीब दो दर्जन से अधिक चालक शामिल रहे।
सिपाही के इशारे पर होती है वसूली
मैजिक चालकों ने बताया कि कोतवाली में तैनात एक सिपाही का छह महीने पहले गैरजनपद स्थानांतरण हो गया था, लेकिन प्रभारी कोतवाल ने सिपाही को रिलीव नहीं होने दिया। आरोप है कि आरोपी सिपाही प्रभारी कोतवाल के इशारे पर अवैध वसूली करता है।
मैजिक चालकों ने नंबर लगाने के नाम पर धन उगाही करने और पिटाई की बात बताई है। प्रभारी कोतवाल को मामले की जांच कर दोनों आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पुलिस पर वसूली का आरोप गलत है। सिपाही के ट्रांसफर होने की जानकारी नहीं है। यदि सिपाही अंडर ट्रांसफर है तो उसे रिलीव कराया जाएगा।
जवाहर, एसपी