पीलीभीत-भोजीपुरा रेल मार्ग पर एक जनवरी से मेगा ब्लाक के चलते 31 दिसंबर की रात 12 बजे के बाद ट्रेनों का आवागमन बंद कर दिया जाएगा। वहीं ट्रेन से बरेली रूट पर यात्रा करने वाले रेल यात्रियों को साल के पहले दिन से रोडवेज बसों का सहारा लेना पड़ेगा, लेकिन परिवहन विभाग द्वारा अतिरिक्त बसों का इंतजाम न किए जाने से यात्रियों का सफर मुश्किल भरा हो सकता है। हालांकि परिवहन विभाग बेहतर सुविधा देने का दावा कर रहा है।
रेल महकमे ने बरेली रूट पर मेगा ब्लाक को लेकर सभी तैयारियां बृहस्पतिवार को पूरी कर लीं। वहीं पीलीभीत-ऐशबाग, पीलीभीत-टनकपुर व पीलीभीत-शाहजहांपुर रेल मार्ग पर चलने वाली ट्रेनों के संचालन का खाका भी तैयार कर लिया। इन सबके बीच रेल महकमे ने बरेली रूट पर ट्रेनों के जरिए यात्रा करने वाले करीब पांच हजार रेल यात्रियों की सुविधा को लेकर कोई कदम नहीं उठाया। इन रेलयात्रियों को (खासकर दैनिक यात्री) अब साल के पहले दिन से ही रोडवेज बसों का सहारा लेना होगा। खास बात यह है कि ब्लाक लेने से पूर्व रेल महकमा परिवहन विभाग से संपर्क साधकर रेलयात्रियों के सुविधा के बाबत बसों के संचालन की व्यवस्था कराता है, लेकिन यहां ऐसा नहीं हुआ। रेल महकमे की इस चूक का खामियाजा अब यात्रियों को ही भुगतान होगा।
कैसे होगा सीमित बसों से सुहाना सफर
परिवहन विभाग के पीलीभीत डिपो में वर्तमान में 83 बसों का संचालन किया जा रहा है। इसमें 46 सामान्य बसें, आठ वातानुकूलित, 25 सुहानी बस सेवा व चार लोहिया बसों का संचालन किया जा रहा है। इसमें सबसे ज्यादा बसें दिल्ली रूट पर चलाई जा रही है। परिवहन विभाग अपने यात्रियों को बेहतर सुविधा देने में नाकाम साबित हो रहा है। ऐसे में रेल बंद होने से सीमित बसों के जरिए अन्य पांच हजार यात्रियों को कैसे मंजिल तक पहुंचा पाएगा, इसको लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है। हालांकि परिवहन विभाग बरेली रूट पर हर आधा घंटे में एक बस चलाने का दावा कर रहा है। एआरएम एसके वर्मा ने बताया कि यात्रियों का दबाव जरूर बढ़ेगा लेकिन व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त रखी जाएगी। अन्य डिपो से भी मदद ली जाएगी।