फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Pilibhit News: झूठे वादों की उड़ान से टूटे मोटी कमाई के सपने

Sun, 09 Feb 2025 12:22 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
विज्ञापन
विज्ञापन
पीलीभीत। जिले के युवाओं और अन्य लोगों के विदेश में पढ़ाई और कमाई के सपने फर्जी वीजा के खेल में फंसकर दम तोड़ रहे हैं। ऐसे में गाढ़ी कमाई ठगी जा रही। वहीं, विदेशों से घर वापस आने में पीड़ितों को शारीरिक और मानसिक कष्ट भी झेलना पड़ रहा है। इस खेल में तराई के कई आईलेट संचालकों की भूमिका पर भी सवाल खड़े हुए हैं। कई पर केस भी दर्ज हुए, लेकिन पुलिस-प्रशासन अभी कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर सका है। हालांकि, पुलिस ने आईलेट का सत्यापन शुरू किया है।
विज्ञापन


पूरनपुर क्षेत्र में फर्जी पासपोर्ट-वीजा के सहारे विदेश भेजने का खेल परत-दर-परत खुल रहा है। विदेश भेजने के बाद कई अन्य तरीकों से भी ठगी के मामले सामने आए। पूरनपुर कस्बे और आसपास क्षेत्र में करीब 30 वीजा आईलेट संचालित हैं। अगर देखा जाए तो इतने आईलेट पीलीभीत में नहीं हैं।
किसी अन्य छोटे शहर में भी इतने आईलेट मुश्किल से होंगे। पहले तो लोगों को विदेश और मोटी कमाई का सपना दिखाया जाता है। रुपये जमा कराकर फर्जी वीजा बनाकर गंतव्य के बजाय दूसरे देश पहुंचा दिया जाता है। जहां अधिकांश पीड़ितों को एयरपोर्ट पर ही पकड़ लिया जाता है। फर्जी वीजा से विदेश भेजने के खेल में पूरनपुर क्षेत्र के कई आईलेट संचालकों की भूमिका संदिग्ध है। मगर, पुलिस अभी मौन है। जबकि कई मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। हालांकि, एसपी ने संचालित आईलेट का सत्यापन कराए जाने की बात कही है।
विज्ञापन


वीजा की श्रेणी में हेरफेर, कमाई के आगे नियम ढेर

विदेश भेजने का सपना दिखाने वाले पीड़ित को नुकसान पहुंचाने से नहीं हिचकते। काम के बजाय टूरिस्ट वीजा थमा दिया जाता है। स्टडी वीजा पर भेजकर कालेज की फीस नहीं जमा की जाती। पीड़ित विदेश मे मजदूरी करने के लिए मजबूर होता है। ताजा मामला गुरप्रीत का है। फीस न जमा होने पर उसे कॉलेज से निकाल दिया गया। इसके बाद दी उसने डंकी रूट से अमेरिका जाने का निर्णय लिया।



तुर्की में पता चला कि इंग्लैंड का वीजा है फर्जी

केस-एक: लालपुर ताल्लुके-माधोटांडा निवासी राममिलन ने फरवरी 2024 में सीओ को प्रार्थना पत्र दिया था। सकरिया क्षेत्र के आईलेट सेंटर संचालक ने स्टडी वीजा पर आस्ट्रेलिया भेजने के नाम पर 17.95 लाख रुपये लिए और इंग्लैंड का फर्जी वीजा दे दिया। इंग्लैंड जाने के लिए वह तुर्की पहुंचे तो एयरपोर्ट पर रोक लिए गए और फर्जी वीजा बताकर वापस भेज दिया गया।

वीजा ही नहीं, जिले में फर्जी पासपोर्ट का भी खेल
केस-दो: जिले में वीजा ही नहीं फर्जी पासपोर्ट का खेल भी हो रहा है। घुंघचाई क्षेत्र की ग्राम पंचायत शेरपुर मकरंदपुर के प्रधान निर्मल सिंह ने सितंबर में पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर उनकी पंचायत के गांव चंदुइया के पते पर कुछ लोगों की ओर से फर्जी पासपोर्ट जारी कराए जाने की शिकायत की थी। कहा था कि कुछ संदिग्ध लोग उनके फर्जी हस्ताक्षर और मुहर से पते को सत्यापित कर रहे हैं। कुछ संदिग्ध पासपोर्ट की प्रतियां भी उन्हें मिली थीं। फर्जी पासपोर्ट मामले की शिकायत पर सीओ पूरनपुर ने जांच की थी।


दंपती का हुलिया बदलकर भेजने की कोशिश

कुछ माह पहले नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक दंपती का हुलिया बदलकर कनाडा भेजने का मामला पकड़ा गया था। इस मामले में भी पीलीभीत का नाम आया था।18 जून को 67 साल के रशविंदर सिंह अपनी पत्नी के साथ कनाड़ा जाने के लिए दिल्ली के हवाई अड्डे पर पहुंचे। यात्रा दस्तावेज के दौरान अधिकारियों ने पाया कि उनकी आवाज उम्र से मेल नहीं खा रही थी। साथ ही त्वचा से भी वह काफी युवा लग रहे थे। चेहरे पर कोई झुर्रियां नहीं थी। शक होने पर इमिग्रेशन अधिकारियों ने उनसे पूछताछ की। पता चला कि असल में वह गुरुद्वारा आर्य नगर, मोती नगर, लखनऊ, यूपी निवासी 24 साल के गुरुसेवक सिंह हैं। उन्होंने बताया कि वह एजेंट के कहने पर बुजुर्ग व्यक्ति के पासपोर्ट से कनाडा जाने की कोशिश कर रहे थे। इस मामले में भी पीलीभीत निवासी जगजीत सिंह और परमबीर सिंह और किरणदीप सिंह को गिरफ्तार किया गया था।


वर्जन
पूरनपुर और जिले में संचालित आईलेट का सत्यापन एएसपी के निर्देशन में कराया जा रहा है। पूर्व में हुई फर्जी पासपोर्ट जारी किए जाने की शिकायत की जांच भी चल रही है। एएसपी को ही इसकी जिम्मेदारी दी गई है।
विज्ञापन

- अविनाश पांडे, एसपी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें