पीलीभीत। नियमों की अनदेखी कर जिला मुख्यालय से लेकर तहसील स्तर तक डबल डेकर बसों का संचालन हो रहा है। इससे आए दिन हादसे भी हो रहे है। इसके बाद भी जिम्मेदार इन पर कार्रवाई नहीं कर पा रहे हैं। आलम यह है कि बस संचालकों ने जगह-जगह अपने कार्यालय खोल रखे हैं। जहां से टिकट बुकिंग की जा रही है।
जिला मुख्यालय से रोडवेज बसों का संचालन सही से न होने के कारण मार्गों पर निजी बस संचालक हावी है। शहर से पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, रोहतक, जयपुर जैसे तमाम स्थानों के लिए यहां से काफी संख्या में लोग काम करने व निजी कार्याें से जाते है। बसों का संचालन न होने से यात्री निजी बसों का सहारा ले रहे हैं। इसमें क्षमता से अधिक सवारियां बैठाकर परिवहन किया जा रहा है। हाल ही में बदायूं में डबल डेकर बस से हादसा हुआ। इसमें कई लोग घायल हुए। वहीं चालक की इस हादसे में मौत हो गई।
तहसील से लेकर शहर तक खोले गए कार्यालय
-निजी बसों के संचालन सही से हो सके इसको लेकर पूरी टीम को तैयार किया गया है। यह टीम तहसील से लेकर जिला मुख्यालय तक के मुख्य हाईवे पर अपना कार्यालय संचालित कर रही है। यहां से यात्रियों की टिकट बुकिंग की जा रही है। जहां कार्यालय पर मौजूद लोगों को टिकट के हिसाब से कमीशन दिया जा रहा है। शहर के पीलीभीत-बरेली हाइवे पर कई निजी कार्यालय भी संचालित हैं।
रात में हो रहा बसों का संचालन
-इन बसों में मानकों की जमकर अनदेखी की जा रही है। इसके चलते इन बसों का संचालन रात के समय किया जाता है। जबकि दिन में यह बसें शहर के बरेली हाईवे स्थित पेट्रोल पंप व अन्य खाली स्थानों पर खड़ी रहती हैं।
अभियान चलाकर बसों का चालान किया जा रहा है। हाल ही में 12 बसों को चालान करने के साथ ही एक बस का परमिट निरस्त करने के लिए भेजा है। जल्द ही अभियान चलाकर इन पर कार्रवाई की जाएगी।- वीरेंद्र सिंह, एआरटीओ।